छत्तीसगढ़

CG – भाजपा नेता के खिलाफ दर्ज एफआईआर को पुलिस ने किया रद्द, शिकायतकर्ता के खिलाफ इस आरोप में चलेगा मुकदमा…..

जांजगीर-चांपा। जिले के नैला चौकी क्षेत्र में भाजपा नेता अमर सुल्तानिया के खिलाफ दर्ज मारपीट और गाली-गलौज के मामले को पुलिस जांच में झूठा पाए जाने के बाद खारिज कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता ने अपने विरुद्ध दर्ज एफआईआर से बचने के लिए भाजपा नेता व उसके स्टॉफ के खिलाफ पुलिस में झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में शिकायत झूठी पाई गई है। पुलिस ने झूठी रिपोर्ट दर्ज करने वाले ग्रामीण के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय आईपीएस ने मामले में निष्पक्ष जांच करते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

पढ़िए क्या है मामला

छत्तीसगढ़ जांजगीर-चांपा जिले की पुलिस चौकी नैला क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मुड़पार में अमर सुल्तानिया का इथेनॉल प्लांट का निर्माण कार्य चल रहा है। ग्राम मुड़पार के पंचायत से प्रस्ताव पारित होने और सरपंच से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने के पश्चात उनके द्वारा ग्राम मुड़पार के रामसागर बांधा तालाब से मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा था। जिस पर गांव के प्रहलाद गिर गोस्वामी एवं अन्य लोगों के द्वारा अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु बार-बार मिट्टी उत्खनन के काम को रोकने का प्रयास किया जा रहा था।

18 मई 2026 को रात्रि तकरीबन 10 बजे प्रहलाद गिर गोस्वामी एवं अन्य के द्वारा घटनास्थल पर मिट्टी उत्खनन के काम में बाधा डालते हुए रोक दिया। मौके पर उपस्थित अमर सुल्तानिया के कर्मचारी लोचन प्रसाद मिरी, लोकेश कुमार भैना की डंडे से पिटाई कर दी। प्रहलाद गिर गोस्वामी एवं अन्य के विरुद्ध पुलिस ने एफआईआर किया। दूसरे दिन एफआईआर की जानकारी मिलते ही प्रहलाद थाने पहुंचा और अमर सुल्तानिया एवं उनके गार्ड के द्वारा मारपीट गाली गलौज करने के संबंध में शिकायत दर्ज कराई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए घटना की जानकारी पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप,नगर पुलिस अधीक्षक कोतवाली योगिता बाली खापर्डे को दी गई। एसपी ने मामले की जांच करने का निर्देश दिया। एसपी के निर्देश पर रिपोर्ट में उल्लेखित तथ्यों का बारीकी से अध्ययन कर जांच की गई। घटनास्थल तथा आसपास के लोगों से घटना के संबंध में पूछताछ की गई।

शिकायकर्ता द्वारा बनाए गए एवं वायरल किए गए वीडियो फुटेज का बारीकी से अध्ययन किया गया। फुटेज में अमर सुल्तानिया अथवा उनके अन्य किसी कर्मचारी के द्वारा कोई गाली-गलौज अथवा मारपीट करना नहीं पाया गया। विवेचना के दौरान पता चला कि प्रहलाद गिर गोस्वामी एवं अन्य लोगों के द्वारा घटना के दिन 18 मई 2026 को ही एक लिखित आवेदन पुलिस चौकी नैला में दिया गया था, जिसमें अमर सुल्तानिया के द्वारा मिट्टी के उत्खनन रोकने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने की बात कही गई थी। वीडियो फुटेज की जांच में यह अमर सुल्तानिया व उनके गार्ड द्वारा मारपीट करने व गाली गलौच की बात झूठी निकली। जांच में यह बात सामने आई है, प्रहलाद गिर गोस्वामी द्वारा अपने विरुद्ध दर्ज अपराध से बचने के लिए अमर सुल्तानिया एवं उनके गार्ड के विरुद्ध झूठी शिकायत दर्ज कराई थी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button