CG– बारिश ने मचाई तबाही : देवभोग से 40 गांवों का संपर्क टूटा, बाढ़ में फंसे 102 लोगों का रेस्क्यू, एलर्ट मोड पर प्रशासन…..

गरियाबंद। जिले के देवभोग तहसील में बीते 3 दिनों से मानसून का कहर जारी है। इस दौरान 320 मिमी से भी ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। नदी-नाले उफान पर हैं। करीब 40 गांवों का संपर्क टूट गया है। कई घरों में पानी घुस गया है, खेत जलमग्न हो गए हैं और कई मकानों के क्षतिग्रस्त होने की भी खबर है। वहीं अमलीपदर तहसील में सूखतेल नदी की बाढ़ में फंसे 102 लोगों को नगर सैनिकों के बचाव दल ने सुरक्षित बाहर निकाला।
लगातार हो रही बारिश से बेलाट नाला और मुंगिया नाला उफान पर आ गए हैं। वहीं तेल नदी का जलस्तर भी अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। नदी और नालों का पानी आसपास के खेतों में भरने से फसलें डूब गई हैं। सेनमुड़ा घाट के एप्रोच मार्ग पर भी करीब 4 फीट ऊपर तक पानी बह रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ है। वर्तमान हालातों ने वर्ष 2016 में आई भीषण बाढ़ की याद दिला दी है।
देवभोग तहसीलदार ने लिया क्षेत्र का जायजा
देवभोग तहसीलदार सुशील कुमार भोई शुक्रवार सुबह प्रशासनिक टीम के साथ क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिन इलाकों तक टीम पहुंच सकती है, वहां पटवारियों के साथ टीम भेजकर स्थिति का आकलन किया जा रहा है। वहीं जिन क्षेत्रों में मार्ग बाधित है, वहां कोटवार और पटेलों को अलर्ट किया गया है। साथ ही लोगों से नदी-नालों के तेज बहाव से सावधानी बरतने की अपील कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि बारिश और बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कर नियमानुसार क्षतिपूर्ति के प्रकरण तैयार किए जाएंगे।
अमलीपदर में 102 लोगों को रेस्क्यू
अमलीपदर में शुक्रवार सुबह सुखतेल नदी का जलस्तर बढ़ने से हालात बिगड़ गए। नदी का तेज बहाव अमलीपदर के आश्रित बहरपारा समेत अन्य गांवों तक पहुंच गया, जिससे खेत-खलिहान और आश्रित पारे में रहने वाले लोगों के इलाके टापू में तब्दील हो गए। लोगों ने मदद की अपील की, जिसके बाद तहसीलदार अजय चंद्रवंशी ने जिला अधिकारियों से संपर्क कर नगर सैनिकों के बचाव दल को मौके पर बुलाया। टीम ने करीब 5 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर बाढ़ में फंसे 102 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
200 गांवों में बिजली गुल
इंदागांव स्थित 132 केवी सब-स्टेशन के आसपास पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने के कारण गुरुवार रात से करीब 200 गांवों में बिजली आपूर्ति बाधित है। शुक्रवार सुबह से सहायक यंत्री हेमंत नागवंशी के नेतृत्व में 30 से अधिक कर्मचारियों की टीम बिजली बहाली के काम में जुटी हुई है। लगातार बारिश के चलते 12 घंटे बाद भी सभी फॉल्ट का पता नहीं चल सका है। कई जगह बिजली के खंभे और तार टूटे हुए हैं, जबकि जंगल और बारिश के कारण मरम्मत कार्य में भी दिक्कत आ रही है।
हेमंत नागवंशी ने बताया कि मेन लाइन के साथ सहायक लाइनों में भी खराबी आई है। फिलहाल टीम मेन लाइन को दुरुस्त करने पर प्राथमिकता से काम कर रही है। अब तक 6 से अधिक स्थानों पर फॉल्ट ठीक किए जा चुके हैं और अन्य स्थानों पर खराबी तलाशने का काम जारी है। बारिश के बावजूद टीम लगातार बिजली बहाली में जुटी हुई है।



