छत्तीसगढ़

CG – पंचायतों में भ्रष्टाचार छुपाने के लिए सरपंच संघ का नया पैंतरा; सच लिखने वाले पत्रकारों को ‘तथाकथित’ बताकर प्रशासन को किया गुमराह : राजा ध्रुव

पंचायतों में भ्रष्टाचार छुपाने के लिए सरपंच संघ का नया पैंतरा; सच लिखने वाले पत्रकारों को ‘तथाकथित’ बताकर प्रशासन को किया गुमराह : राजा ध्रुव

​धरातल पर खुली विकास कार्यों की पोल, तो बौखलाए सरपंचों ने रची झूठी साजिश; निष्पक्ष मीडिया ने की शासन से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग।

जगदलपुर, बस्तर। ग्राम पंचायतों में सरकारी योजनाओं के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े और कागजी विकास की जमीनी हकीकत उजागर होने से बौखलाए सरपंच संघ ने अब मीडिया की आवाज दबाने का घिनौना प्रयास शुरू कर दिया है। पंचायतों में जारी अनियमितताओं को छुपाने के उद्देश्य से सरपंच संघ द्वारा प्रशासन को एक भ्रामक ज्ञापन सौंपा गया है। इस ज्ञापन में उन सच्चे और निष्पक्ष पत्रकारों को ‘तथाकथित’ कहकर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया गया है, जिन्होंने धरातल पर जाकर भ्रष्टाचार की पोल खोली थी।

​यह पूरा मामला अब तूल पकड़ चुका है और स्थानीय मीडिया जगत ने इसके खिलाफ शासन-प्रशासन से उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

धरातल पर खुली पोल, तो लगाया ‘परेशान’ करने का आरोप

​गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से क्षेत्र के जागरूक और पत्रकारों द्वारा पंचायत स्तर पर चल रही विभिन्न सरकारी योजनाओं का रियलिटी चेक किया जा रहा था। कई पंचायतों में बिना कार्य किए राशि आहरण करने, घटिया निर्माण कार्य और कागजों पर योजनाएं पूरी दिखाने के मामले मीडिया द्वारा प्रमुखता से उठाए गए।

​अपनी इन कमियों और वित्तीय गड़बड़ियों के उजागर होने के डर से, सरपंच संघ ने अपनी जवाबदेही से बचने के लिए एक सोची-समझी रणनीति के तहत प्रशासन को ज्ञापन सौंप दिया।

ज्ञापन में यह झूठा नैरेटिव बनाने की कोशिश की गई कि पत्रकार उन्हें काम नहीं करने दे रहे हैं या परेशान कर रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि सरपंच संघ अपनी कमजोरियों पर पर्दा डालना चाहता है।

शासन-प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश

​इस मामले पर राजा ध्रुव का कहना है कि सरपंच संघ का यह कदम सीधे तौर पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है। प्रशासन को दिए गए ज्ञापन के माध्यम से अधिकारियों को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि पंचायतों में चल रही जांच की दिशा को भटकाया जा सके।

​सच्चे पत्रकारों का मनोबल गिराने और उन्हें डराने के लिए ‘तथाकथित पत्रकार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर पूरी बिरादरी को बदनाम करने की साजिश रची गई है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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