CG – कबाड माफिया की थाने में खातिरदारी : पुलिसकर्मियों के बीच पैर मोड़कर बैठा और ली चाय की चुस्कियां, VIP ट्रीटमेंट वाली फोटो ने मचाया बवाल…..

बिलासपुर। कोनी थाना एक बार फिर सुर्खियों में है। कथित कबाड़ कारोबारी अकबर खान की थाने के भीतर खातिरदारी करते हुए वायरल हुई तस्वीर ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है। फोटो में कबाड माफिया थाने के अंदर बड़े आराम से पुलिसकर्मियों के बीच बैठकर चाय की चुस्कियां लेते दिख रहा है। फोटो वायरल होते ही जिले की पुलिस की जमकर किरकिरी हुई। सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह के कमेन्ट करने लगे।
इधर, वायरल फोटो की शिकायत जैसे ही एसएपी को मिली तो उन्होनें मामले को गंभीरता से लिया और प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी को सस्पेंड कर दिया है।
एसएसपी द्वारा जारी आदेश में लिखा है…
”जिले में अवैध रूप से संचालित कबाड़ियों के खिलाफ कार्यवाही किये जाने हेतु सख्त निर्देश दिये गये हैं। इसी अनुकम में थाना कोनी क्षेत्र में कबाड़ का अवैध व्यवसाय करने वाले 02 आरोपियों को थाना लाया गया. इसी दौरान यह पाया गया कि दोनों कबाड़ी को प्रधान आरक्षक (मोहरीर) एवम् मददगार के समक्ष बैठकर चाय पीते हुये नजर आयें हैं। यह अपराधियों के विरूद्ध की जा रही कड़ी कार्यवाही को कमजोर दिखाता है और इस तरीके की लापरवाही अक्षम्य है।
अतः उक्त कृत्य के लिये प्र.आरक्षक 814 बालेश्वर तिवारी, एवम् मददगार आरक्षक 1263 अनुज जांगड़े को आगामी आदेश पर्यन्त तत्काल प्रभाव से थाना कोनी से रक्षित केन्द्र, बिलासपुर सम्बद्ध किया जाता है।”
जानिए पूरा मामला
दरअसल, कोनी थाना क्षेत्र में कबाड़ माफिया अकबर खान समेत दो लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इस दौरान कोनी थाना के अंदर प्रधान आरक्षक बालेश्वर तिवारी और आरक्षक अनुज जांगडे की मौजूदगी में कबाड़ी अकबर खान बड़े ही आराम से पैर मोड़कर टेबल पर बैठा हुआ था। इतना ही नहीं पुलिसकर्मियों ने दोनों कबाड़ियों के लिए चाय भी मंगवाई, जिसके बाद अकबर खान पुलिसकर्मियों के बीच बैठकर चाय की चुस्कियां लेते फोटो में दिख रहा है।
फोटो के वायरल होते ही कोनी पुलिस की जमकर किरकिरी हुई। लोग सोशल मीडिया पर पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर तरह-तरह के कमेंट करने लगे।
मीडिया ने जब एएसपी पंकज पटेल से फोटो को लेकर सवाल-जवाब किया तो उन्होंने कहा कि आरोपी की कोई वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं दिया गया था। उसे दस्तावेजों की जांच के लिए बुलाया गया था। ASP द्वारा दिया गया बयान और वायरल फोटो में दिख रहा नजारा दोनों एक दूसरे से विपरीत दिख रहे है।
इधर, जैसे ही इसकी शिकायत एसएसपी तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल प्रभाव से हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। हालांकि सामने बैठे आरक्षक पर किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हुई है।



