छत्तीसगढ़

CG- साइलेंट किलर सिकल सेल का बढ़ता खतरा: हजारों परिवार प्रभावित, बीमारी की रोकथाम के लिए हर ब्लॉक में लगाए जाएंगे विशेष जांच शिविर….

जगदलपुर। बस्तर आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जहां आज भी कई दूरस्थ गांवों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पूरी तरह नहीं पहुंच पाई हैं। ऐसे में सिकल सेल जैसी आनुवंशिक बीमारी हजारों परिवारों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह बीमारी पीढ़ी दर पीढ़ी फैलती है और समय पर पहचान व इलाज नहीं मिलने पर गंभीर रूप ले सकती है। अब सर्वे में मिले आंकड़ों के आधार पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने हर ब्लॉक में विशेष शिविर लगाने का फैसला किया है।

बस्तर के आदिवासी अंचलों में सिकल सेल बीमारी लंबे समय से एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। यह एक आनुवंशिक रक्त विकार है, जो माता-पिता से बच्चों में पहुंचता है और जीवनभर मरीज के साथ रहता है। समय पर पहचान और इलाज नहीं मिलने पर मरीज को बार-बार खून की कमी, असहनीय दर्द और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। बस्तर के कई दूरस्थ गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आज भी बड़ी चुनौती है, जिससे बीमारी की समय पर पहचान नहीं हो पाती।

शासन के निर्देश पर हुए सिकल सेल सर्वे में जिले में मरीजों के साथ-साथ सिकल सेल वाहकों की भी पहचान की गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त कार्ययोजना तैयार की है। अब जिले के हर विकासखंड में विशेष सिकल सेल शिविर लगाए जाएंगे। इस अभियान की शुरुआत बकावंड ब्लॉक से हो चुकी है, जहां बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन पहुंचे।

शिविर में मरीजों को बीमारी से बचाव, खान-पान, नियमित दवा और जीवनशैली को लेकर विशेषज्ञों ने काउंसिलिंग दी। साथ ही समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। गंभीर मरीजों को निशुल्क दवाइयों के साथ जरूरत पड़ने पर मुफ्त ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सुविधा भी दी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य सिकल सेल की जल्द पहचान, बेहतर उपचार और जागरूकता बढ़ाकर आदिवासी अंचलों में इस बीमारी के प्रभाव को कम करना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button