CG – धर्मांतरण को लेकर मचा बवाल, हिंदू संगठनों ने लगाए ये गंभीर आरोप, थाने में लिखित शिकायत दर्ज…..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर शहर के सीएमडी चौक स्थित आइएमए सभा भवन के बाहर तनाव की स्थिति बन गई। हिंदू संगठनों को यहां अवैध मतांतरण गतिविधियां संचालित होने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। विरोध प्रदर्शन करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। बाद में संगठन के प्रतिनिधि मंडल ने तारबाहर थाने पहुंचकर पुलिस को लिखित शिकायत सौंपते हुए एफआइआर दर्ज करने की मांग की।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आइएमए कार्यालय में कुछ लोगों द्वारा ईसाई मिशनरी गतिविधियों के माध्यम से हिंदू समाज के लोगों को आर्थिक सहायता, निःशुल्क चिकित्सा, बेहतर जीवन और अन्य प्रकार के प्रलोभन देकर धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा मौके के सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटो, दस्तावेज, मोबाइल रिकार्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान एकत्र कर दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायत में कहा है, यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम के तहत अपराध दर्ज किया जाए। हिंदू संगठनों का कहना है कि बिलासपुर में पिछले कुछ समय से इस तरह की घटनाओं की शिकायतें सामने आती रही हैं। उनका आरोप है कि धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बनाए जाने के बावजूद यदि उनका प्रभावी क्रियान्वयन नहीं होगा तो ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगाना कठिन होगा।
पुलिस का कहना है कि अभी तक शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। जांच के दौरान उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की वास्तविक स्थिति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि आइएमए कार्यालय में कुछ लोगों द्वारा आर्थिक सहायता, मुफ्त इलाज, बेहतर जीवन और अन्य प्रलोभन देकर लोगों को मतांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। उन्होंने मांग की है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज, वीडियो, फोटो, मोबाइल रिकार्ड, दस्तावेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करे। यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के खिलाफ बीएनएस और छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम, 2026 के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
तारबाहर पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है। फिलहाल किसी भी आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही किसी के खिलाफ अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, दस्तावेजों और गवाहों के बयान के आधार पर जांच पूरी की जाएगी। जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की वास्तविक स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी।



