CG – प्रतिबन्ध के बावजूद क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहा दिन रात अवैध बोर खनन का खेल कटमनी या अधिकारी हैँ सुस्त जानें पूरा मामला पढ़े पूरी ख़बर
मस्तूरी//बिलासपुर के मस्तूरी क्षेत्र में अवैध बोर खनन एक गंभीर समस्या बनी हुई है,जहां भू-जल स्तर गिरने के बावजूद कलेक्टर के प्रतिबंध की खुली अवहेलना हो रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार गुरुवार की रात मल्हार के पास बुढ़िखार में अवैध बोर खनन मामले में एक्शन लिया गया हैँ और गाड़ी कों सीज किया गया हैँ इस सीजन बोर खनन पर बेन के बाद यह पहला मामला होगा अगर कार्रवाई की गई होंगी तो।
प्रतिबंध का पृष्ठभूमि..
कलेक्टर ने अप्रैल 2026 से जून 2026 तक मस्तूरी सहित बिल्हा, कोटा और तखतपुर में बोर खनन पर पूर्ण रोक लगा दी है, ताकि गर्मी में जल संकट न हो। यह छत्तीसगढ़ पे-जल संरक्षण अधिनियम 1986 के तहत लागू है, लेकिन मस्तूरी क्षेत्र में कई बोर खनन करने वाली गाड़ीयां आपको मूव करते रोज दिख जाएंगे ये गुपचुप तरीके से काम कर रहें हैँ और रात कों अधिक ख़नन होनें की बात सामने आ रही हैँ यहाँ भी कटमनी का खेल हो रहा हैँ सूत्र बतातें हैँ की उनके द्वारा रखवालों कों भी कमीशन पहुंचाया जा रहा हैँ। जिसके कारण बोर खनन पर लगी रोक सिर्फ नाम मात्र की एक कॉपी बन गया हैँ और प्रतिबन्ध का पालन अधिकारी नहीं करा पा रहें हैँ।
बतातें चलें कि अप्रैल मस्तूरी क्षेत्र में बोर गाड़ियां बेधड़क काम कर रही हैं, जिससे प्रशासनिक नाकामी उजागर हो रही है। ताज्जुब की बात हैं की क्षेत्र में दर्जनों इनके एजेंट घूम घूम कर बोर खनन का कार्य करवा रहें हैँ पर अब तक एक भी कार्रवाई मस्तूरी क्षेत्र में देखने नहीं मिला ना कोई कार्रवाई सार्वजनिक की गई हैँ।
अधिकारियों की उदासीनता और कटमनी..
सोचने वाली बात तो ये हैँ की लगातार मस्तूरी से लेकर मल्हार और पचपेड़ी फिर जोंधरा सभी क्षेत्र में धड़ल्ले से बोर खनन का कार्य किया जा रहा हैँ पर ना कोई गाड़ी पकड़ी जा रही हैँ ना कोई कार्रवाई हो रही हैँ एजेंट बेधड़क बोल रहें हैँ की सबको सभी का हिस्सा पहुंच रहा हैँ इसलिए कोई इस काम में हाथ नहीं डालेगा ना काम रुकेगा ऐसे में कलेक्टर के उस प्रतिबन्ध वाले आदेश का क्या मतलब?




