छत्तीसगढ़

जयरामनगर में केजेएसएल प्राइवेट कम्पनी की रेक लोडिंग के दौरान हाई वोल्टेज की चपेट में आया खुदुभाठा का आर्यन नामक मजदूर ठेकेदार और कम्पनी एक दूसरे पर लगा रहें आरोप जिंदगी और मौत से लड़ रहा युवक पढ़े पूरी ख़बर

बिलासपुर//जयरामनगर रैक पॉइंट में बीते गुरुवार को रेक लोडिंग के दौरान खुडुभाठा का एक युवक आर्यन रात्रे हाई वोल्टेज के संपर्क में आ गया जिसके वजह से उसकी हालत नाजुक बनी हुई है और अस्पताल में इलाज चल रही है बताया जाता हैं कि KJSL का प्लांट धतूरा में स्थित हैं और जयरामनगर में इन्द्रमणि नाम से कोल डिपो हैं जहाँ से माल लोड हो रहा था जिसके मजदूर ठेकेदार ओरियन बन्दे हैं।

क्या होता है लोडिंग नियम

जब मालगाड़ी में लोडिंग होते रहता है उस वक्त ट्रेन की हाई वोल्टेज कनेक्शन पावर को बंद कर दिया जाता है और लोडिंग कम्प्लीट होने के पश्चात सूचना दी जाती है कि काम पूरा हो गया है जो लिखित में होता है इसमें भी एक निश्चित टाइमिंग में लोडिंग पूरा करना होता हैं और बाकायदा उनको बताया जाता है कि निर्धारित समय में लोडिंग कर लिया गया है उसके बाद फिर से पावर कनेक्शन चालू किया जाता है

कहाँ हुई चूक जिससे आर्यन नामक युवा लड़ रहा जिंदगी और मौत से

बताया जाता है कि प्राइवेट कंपनी KJSL नें ठेकेदार और उसके सुपरवाइजर कों धोखे में रखा की उन्होंने लोडिंग कम्प्लीट होनें का लेटर नहीं दिया हैं और इसी असमंजस में मजदूर बेधड़क कार्य कर रहें थे और चपेट में आ गए जिसके कारण ये घटना हुई

क्या कहते हैं ठेकेदार ओरियन बन्दे

ठेकेदार ओरियन बंदे का कहना है कि वह मौके पर मौजूद नहीं थे मेरा सुपरवाइजर था पर उनके पास ऑडियो रिकॉर्डिंग है कंपनी के शीर्ष अधिकारी की जिन्होंने कहा था कि हमने कम्प्लीट होने का लेटर नहीं दिया है आप काम कर सकते हैं पूरी गलती कंपनी और रेलवे का हैं कुछ पैसे बचाने के लिए ये लापरवाही की गई हैं ।

ग्रामीण ठेकेदार की मान रहें गलती

ग्रामीणों का कहना है कि कोई मजदूर अगर ठेकेदार के अंदर में काम कर रहे हैं तो उसकी सेफ्टी की जिम्मेदारी ठेकेदार की होनी चाहिए वे सिर्स नेतृत्व को नहीं जानते ना ही वह कंपनी के किसी अधिकारी को जानते हैं यह ठेकेदार की पूरी जिम्मेदारी है कि उनके अंदर जो भी कर्मचारी या मजदूर काम कर रहे हैं उनकी सुरक्षा उनकी खुद की जिम्मेदारी होनी चाहिए क्या ठेकेदार की जिम्मेदारी नहीं बनती कि अगर कंपनी का कोई शीर्ष नेतृत्व कह रहा है कि उन्होंने लेटर नहीं दिया है तो जाकर वह एक बार अधिकारी से मिलकर चेक कर ले और मजदूरों की सुरक्षा को सुनिश्चित करें क्योंकि लोडिंग पॉइंट से स्टेशन की दुरी लगभग 500 मी. ही होगा तो क्या ठेकेदार का सुपरवाइजर एक बार जाकर अधिकारियों से कंफर्म नहीं कर सकता था की सच्चाई क्या है और अगर इतना भी नहीं कर सकते तो ठेकेदार को सुपरवाइजर रखने की क्या जरूरत है।

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