धमतरीनगरी

वनांचल में शिक्षा, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा, मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर जोर..!

छत्तीसगढ़ धमतरी जिले के वनांचल एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में विकास की गति को और तेज करने के लिए शासन की योजनाओं का प्रभावी एवं समन्वित क्रियान्वयन किया जा रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली, कौशल विकास, पर्यटन और आजीविका से जुड़े कार्यों को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप प्राथमिकता देने के उद्देश्य से कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा ने वनांचल क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों का भ्रमण किया। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली तथा संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के माध्यम से कार्य स्वीकृत कर समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। भ्रमण के दौरान अध्यक्ष , जिला पंचायत श्री अरुण कुमार सार्वा भी साथ थे ।

दुगली में विकसित होगी मिनी एजुकेशन सिटी, बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष जोर

भ्रमण के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कन्या परिसर दुगली सहित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का जायजा लिया गया। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि शिक्षा वनांचल के समग्र विकास की आधारशिला है। दुगली में मिनी एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।

उन्होंने विद्यालयों में आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने तथा बालिकाओं के लिए अनिवार्य रूप से सुविधायुक्त शौचालय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कमार जनजाति सहित वनांचल के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने और उन्हें उच्च शिक्षा एवं रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे। बालिकाओं को शिक्षा के लिए 30 हजार रुपए की छात्रवृत्ति उपलब्ध कराने की दिशा में भी पहल की जाएगी।

सभी ने शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला ठेनही में कक्षा चौथी एवं पांचवीं के विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों की पढ़ाई, रुचियों और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली तथा उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने, अपने सपनों को लक्ष्य बनाने और निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

पारंपरिक कौशल को रोजगार से जोड़ने पर जोर

कल्लेमेटा में स्किल डेवलपमेंट सेंटर के लिए 50 कमार परिवारों को बांस कला से जोड़ने हेतु शेड निर्माण की आवश्यकता पर चर्चा की गई। साथ ही ग्राम संगठन भवन की मांग भी सामने आई। स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को व्यवस्थित प्रशिक्षण, उत्पादन एवं विपणन से जोड़कर रोजगार और आय के स्थायी अवसर विकसित करने पर जोर दिया गया।

कल्लेमेटा में सिंगल विलेज स्कीम के तहत संचालित कार्यों का निरीक्षण करते हुए आंगनबाड़ी भवन की आवश्यकता की जानकारी ली गई। कलेक्टर ने बच्चों के पोषण, प्रारंभिक शिक्षा तथा मातृ-शिशु सेवाओं के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित करने के निर्देश दिए।

सरईटोला स्थित कला मंच में निर्मित शेड का भी अवलोकन किया गया। यहां फ्लोरिंग एवं टाइल्स की आवश्यकता को देखते हुए स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों और सामुदायिक आयोजनों की उपयोगिता के आधार पर आवश्यक कार्य योजनाओं में शामिल करने की दिशा में पहल करने के निर्देश दिए गए।

सौर ऊर्जा से रोशन गांव, अन्य क्षेत्रों में भी प्रकाश व्यवस्था का विस्तार

ग्राम पंचायत ठेनही में सोलर लाइट से रोशन गांव का अवलोकन करते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने ग्रामीणों की पहल की सराहना की। उन्होंने सोलर लाइट से रोशन क्षेत्र के चारों ओर बाउंड्रीवॉल कराने के निर्देश दिए। वनांचल के अन्य गांवों में भी चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था ग्रामीणों की सुरक्षा, आवागमन और सामुदायिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे प्रयासों को अन्य जरूरतमंद क्षेत्रों तक विस्तार देने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

पेयजल और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को मिलेगी प्राथमिकता

वन ग्रामों को राजस्व ग्राम में परिवर्तित करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई पर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों ने पक्की सड़क सहित विभिन्न मूलभूत सुविधाओं की मांग रखी। कलेक्टर ने स्थानीय जरूरत और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप अधोसंरचना कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

ठेनही के आश्रित ग्राम दौड़, पंडरीपानी, बासीन, गाताभर्री, अर्जुनी और तुमड़ीबहार में पेयजल सुविधा के लिए जल जीवन मिशन के माध्यम से आवश्यक कार्य कराने के निर्देश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को दिए गए। इससे इन दूरस्थ गांवों में सुरक्षित एवं नियमित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

वीबी-जी रामजी योजना से ग्रामीण जरूरतों के अनुरूप होंगे विकास कार्य

कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि वीबी-जी रामजी योजना के तहत ग्रामों की वास्तविक आवश्यकताओं और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्यों का चयन किया जाए। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को योजनाओं से जोड़कर आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने तथा रोजगारपरक गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सार्वा ने कहा कि ग्रामीणों की आवश्यकता और मांग के अनुरूप वीबी-जी रामजी योजना के माध्यम से अधोसंरचना संबंधी कार्यों को गति दी जाएगी। योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं आधारभूत सुविधाओं का विस्तार करना प्राथमिकता है।

शहद, कोसा और लाख से बढ़ेगी आजीविका की संभावनाएं

वनांचल के प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय कौशल को आजीविका से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण को व्यवस्थित रूप से विकसित करने की आवश्यकता बताई गई। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन की बेहतर व्यवस्था विकसित होने से ग्रामीणों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सकेगा।

इसी प्रकार कोसा एवं लाख से जुड़ी पारंपरिक गतिविधियों को आधुनिक बाजार से जोड़ने तथा उत्पादन एवं विपणन की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया गया। सांकरा क्षेत्र में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप नारियल उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में भी कार्य किया जाएगा।

मेचका, सिहावा और फरसिया में पर्यटन की संभावनाओं को मिलेगा विस्तार

कलेक्टर श्री मिश्रा ने मेचका को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की दिशा में कार्य करने की बात कही। क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, स्थानीय संसाधनों और सांस्कृतिक विशेषताओं को पर्यटन से जोड़कर रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर विकसित किए जाएंगे। पर्यटन की संभावनाओं के व्यवस्थित आकलन के लिए इंडिया एक्स के सर्वे कराने के निर्देश दिए गए।

सिहावा और फरसिया में भी पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा हुई। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण परिवारों को होम-स्टे, स्थानीय उत्पाद, हस्तशिल्प, खान-पान तथा अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के अवसर मिल सकेंगे।

सड़क, पुल और बिजली कनेक्टिविटी से मजबूत होगा वनांचल

वनांचल के गांवों में आवागमन सुगम बनाने के लिए पक्की सड़कों की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया। सांकरा, घठुला और आरसीकन्हार में अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने की बात कही गई। क्षेत्र के महत्वपूर्ण सीतानदी ब्रिज को शीघ्र स्वीकृति मिलने की उम्मीद जताई गई। पुल के निर्माण से अनेक गांवों के बीच आवागमन सुगम होने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच बेहतर होगी।

क्षेत्र में ग्रिड कनेक्टिविटी के कार्य भी किए जाएंगे। विद्युत अधोसंरचना के विस्तार से घरेलू उपयोग के साथ कृषि, लघु उद्योग, शिक्षा और आजीविका संबंधी गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा। बोराई में अंतरराष्ट्रीय बस स्टैंड को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य किए जाने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी, पर्यटन और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

आंगनबाड़ी और ग्राम संगठन भवनों पर भी ध्यान

गादुलबाहरा में आंगनबाड़ी केंद्र की आवश्यकता को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। वनांचल क्षेत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और मातृ-शिशु सेवाओं के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दिया गया। इसी तरह ग्राम संगठन भवन की मांगों को भी योजनाओं से जोड़कर पूरा करने की दिशा में पहल की जाएगी।

ग्राम संगठन भवन ग्रामीण महिलाओं और सामुदायिक समूहों के लिए बैठक, प्रशिक्षण तथा आजीविका संबंधी गतिविधियों के संचालन में उपयोगी साबित हो सकते हैं।

स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बनेगी विकास की कार्ययोजना

भ्रमण के दौरान ग्रामीणों ने शिक्षा, सड़क, बिजली, पेयजल, पर्यटन, कौशल विकास, आजीविका, आंगनबाड़ी और सामुदायिक अधोसंरचना से जुड़ी विभिन्न मांगें रखीं। कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि विकास कार्यों की योजना बनाते समय स्थानीय आवश्यकताओं, भौगोलिक परिस्थितियों और ग्रामीणों की प्राथमिकताओं को केंद्र में रखा जाएगा। इससे योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि वनांचल की विकास संभावनाओं को शिक्षा, पर्यटन, स्थानीय उत्पाद, पारंपरिक कौशल और आजीविका से जोड़कर एक समग्र विकास मॉडल के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। मेचका में पर्यटन, शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण, सांकरा में नारियल उत्पादन तथा कोसा और लाख जैसी पारंपरिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में कार्य किया जाएगा।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सार्वा ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र की प्राथमिक आवश्यकताओं के अनुसार अधोसंरचना और विकास कार्यों को योजनाओं से जोड़कर आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ही वनांचल के स्थायी एवं समावेशी विकास की मजबूत नींव बनेगा।

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