
नयाभारत कोरबा के बाॅंकीमोंगरा पत्रकारों के सम्मान एवं पत्रकारिता की गरिमा से जुड़े एक मामले को लेकर,बाॅंकीमोंगरा प्रेस क्लब भवन में पत्रकारों की आवश्यक बैठक एवं प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के बीजेपी नेता ने सोशल मीडिया पर पत्रकारों के लिए कथित तौर पर ‘गोदी’ और ‘गुलामी मीडिया’ जैसे आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग को लेकर नाराजगी जताई।
बीते दिनों भाजपा नेता भागवत विश्वकर्मा के द्वारा सोशल मीडिया में एक पोस्ट पर पत्रकारों और मीडिया संस्थानों को कथित तौर पर ‘गोदी मीडिया’ एवं ‘गुलामी मीडिया’ जैसे शब्दों से संबोधित किए जाने को लेकर पत्रकारों में गहरी नाराजगी है। पत्रकारों ने इस तरह की टिप्पणी को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई है।

पत्रकारों का कहना है कि मीडिया लोकतंत्र में जनता और शासन-प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करता है। पत्रकार अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए विभिन्न राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों से जुड़े समाचारों को जनता तक पहुंचाते हैं। ऐसे में पूरे पत्रकार समुदाय को अपमानजनक शब्दों से संबोधित करना पत्रकारिता की स्वतंत्रता और गरिमा पर सवाल खड़ा करता है।
समाचार, रिपोर्ट या पत्रकार की कार्यशैली से असहमति होने पर तथ्यात्मक तरीके से अपनी आपत्ति दर्ज कराई जा सकती है, लेकिन पूरे मीडिया जगत को ‘गोदी मीडिया’ या ‘गुलामी मीडिया’ कहना उचित नहीं है। इस प्रकार की भाषा से पत्रकारों की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर अनावश्यक दबाव पैदा होता है।
संगठन ने लिया कवरेज का बहिष्कार करने का निर्णय
इसी के विरोध में पत्रकार संगठन ने निर्णय लिया है कि भागवत विश्वकर्मा की उपस्थिति वाले कार्यक्रम, उनके द्वारा नेतृत्व किए जा रहे कार्यक्रम अथवा ऐसे किसी सार्वजनिक मंच पर जहां वे उपस्थित हों, वहां बांकी मोंगरा क्षेत्र के पत्रकारों द्वारा किसी भी प्रकार का समाचार कवरेज नहीं किया जाएगा।

सम्मान से समझौता नहीं
पत्रकारों ने एक स्वर में कहा कि पत्रकारिता जनता की आवाज है और पत्रकारों के सम्मान से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाएगा। समाचारों का प्रकाशन तथ्य और जनहित के आधार पर होता है, न कि किसी व्यक्ति विशेष की पसंद या दबाव के आधार पर।
पत्रकार एकता को मजबूत करने पर जोर
बैठक में पत्रकारों ने कहा कि पत्रकारिता में अलग-अलग विचारधारा और व्यक्तिगत मत हो सकते हैं, लेकिन पत्रकारों के सम्मान और अधिकारों के मुद्दे पर एकजुटता जरूरी है।

सभी पत्रकारों ने एक-दूसरे के सम्मान की रक्षा करने, किसी भी पत्रकार के साथ अपमानजनक व्यवहार होने पर सामूहिक रूप से आवाज उठाने और पत्रकारिता की स्वतंत्रता एवं गरिमा को बनाए रखने का संकल्प लिया। पत्रकारों की एकता किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं,बल्कि सम्मानजनक और स्वतंत्र पत्रकारिता के पक्ष में है।


