CG – समाज से निकाला” का आरोप लगाकर एसपी ऑफिस से कोर्ट तक पहुंचे केजऊ पटेल समाज के मुखियाओं ने आरोपों को बताया निराधार गवाह भी फर्जी जानें पूरा मामला पढ़े पूरी ख़बर
बिलासपुर//जिले के मस्तूरी विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत कुकुर्दीकेरा में पटेल समाज को लेकर विवाद सामने आया है।
ग्राम कुकुर्दी केरा निवासी केजऊ राम पटेल ने थाना, एसपी ऑफिस से लेकर कोर्ट तक शिकायत दर्ज कराई है कि उन्हें गांव के पटेल समाज द्वारा “निकाल” दिया गया है। दरअसल कुछ साल पहले केजऊ की बेटी नें लव मैरिज किया था जिसके बाद ये पूरा मामला सामने आया गाँव के पटेल समाज के प्रमुख बताते है की कोई भी लड़का या लड़की भाग कर शादी करते है तो उनकी दोनों परिवारों की आपसी समझौता लड़ाई झगड़ा ना हो औऱ गाँव की शांति के लिए सामाजिक मीटिंग कर उसको सुलझाया जाता है पऱ केजऊ मीटिंग बुलाने कों ही राजी नहीं है इसलिए मामला अटका है।
समाज के मुखियाओं का पक्ष..
वहीं शिकायत में जिन 4 मुखियाओं के नाम दिए गए हैं उनका कहना है कि केजऊ पटेल को इस विषय पर बात करने के लिए कई बार मीटिंग बुलानें कहा गया। समाज ने कहा था कि एक मीटिंग बुलाकर सबके सामने स्पष्ट किया जाएगा कि “किसी को भी समाज से नहीं निकाला गया है” और सभी आपस में भाईचारे के साथ गांव में रहेंगे।
इसीलिए समाज के लोंगो औऱ परिचितों नें समाज के छड़ीदार (चपरासी) कों बोलकर एक मीटिंग रखने की बात कही थी पऱ शिकायत कर्ता का कहना है की वो क्यों मीटिंग बुलाएगा केजऊ पटेल का कहना हैं कि मीटिंग गाँव के मुखिया बुलाये जब कि समाज प्रमुखो का कहना है कि जिसको भी शिकायत होती है उनके द्वारा समाज के चपरासी कों बोल कर मीटिंग रखवाई जाती है ये नियम दशकों से चल रही है आरोप है कि केजऊ पटेल मीटिंग बुलाने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं जिसके कारण मामला फसा हुआ है।
फर्जी गवाह का आरोप…
इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि केजऊ पटेल द्वारा थाना, एसपी ऑफिस और कोर्ट में दी गई लिखित शिकायत में जिन 2 लोगों को गवाह बनाकर नाम और दस्तखत कराया हैं,उन दोनों ने ही केजऊ पटेल पऱ आरोप लगाते हुए बताया है कि”न तो उन्हें शिकायत की जानकारी थी, न उनसे इस बारे में पूछा गया और न ही उन्होंने कोई दस्तखत किया है।” उनके अनुसार उनके नाम और दस्तखत फर्जी हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।




