बाॅंकीमोंगरा बिजली विभाग की लचर व्यवस्था,ठेकाकर्मियों के भरोसे विभाग,केवल एक नियमित कर्मचारी रहते है ड्यूटी में,एग्जिक्युटिव इंजिनियर राजेश चौहान का आश्वासन बहुत जल्द सुधरेगी व्यवस्था,…

नयाभारत बाॅंकीमोंगरा में बिजली विभाग की लचर व्यवस्था अपने चरम पर है,सदैव चर्चे में रहने वाला विभाग अभी भी सुर्खियों में है,विगत कुछ दिनों से मानो बिजली का आँख मिचौली का खेल चल रहा है,05 से 10 मिनट के लिए बिजली कभी चालू होती है तो कभी घंटों बंद रहती है,बाॅंकीमोंगरा के अधिकतर जगहों में पिछले 36 घंटों से बिजली आपूर्ति ही नहीं की जा सकी है।
आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, बिजली आपूर्ति ठप रहने से पूरा नगर अंधेरे में डूबा हुआ है। भीषण गर्मी के बीच लोगों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पेयजल व्यवस्था, छोटे व्यापार और घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
पूरी गर्मी जनता रही बिजली के आँखमिचोली से परेशान
इस वर्ष की भीषण गर्मी किसी से छिपी नहीं थी,इतनी भीषण गर्मी में एक तो मौसम की मार ऊपर से बिजली की आवा जाही से आम जनता बहुत परेशान रही,लोड अधिक होने के कारण कई बार केबल जल रहे थे तो कभी ट्रांसफार्म जवाब दे रही थी,जिसका खामियाजा भुगत रही थी आम जनता।
शुरुआती बरसात से ही लगभग 36 घंटे से बिजली आपूर्ति अत्यधिक प्रभावित है
गर्मी के मौसम तो जैसे जनता ने गुजार लिया,उम्मीद थी अब बिजली व्यवस्था सही रहेगी,लेकिन उल्टा हुआ हल्की शुरुवाती बारिश और खराब मौसम ने विभाग के व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है पिछले लगभग 36 घंटों से बाॅंकीमोंगरा सब स्टेशन से जुड़े कई बस्तियों में बिजली आपूर्ति ही नहीं हो पाई है हालांकि कि कर्मचारियों की मेहनत से कुछ जगहों में बिजली चालू की गई थी। उसमें भी आंख मिचौली चालू है।
ठेकाकर्मी के भरोसे बाॅंकीमोंगरा की बिजली व्यवस्था,कर्मचारियों की भी कमी
मिली जानकारी के अनुसार बिजली विभाग में कर्मचारियों की भारी कमी है और अधिकांश काम ठेका कर्मचारियों के भरोसे संचालित किया जा रहा है। ये देखा गया है कि 03 शिफ्ट में रहने वाले नियमित कर्मचारियों में केवल 01 ही शिफ्ट के कर्मचारी ड्यूटी में रहते है,लगभग पूरा का पूरा काम ठेकाकर्मियों के द्वारा ही किया जाता है।
बिना नियमित कर्मचारियों के ठेका कर्मी करते है खम्भों में काम,अनहोनी में कौन जिम्मेदार?
अमूमन ये देखा गया है कि ठेकाकर्मी कभी खंभों में कभी ट्रांसफार्मर में बिना नियमित कर्मचारी के उपस्थिति के काम करते है,जबकि नियम बोलते है कि कोई भी ठेका कर्मी बिना विभाग के नियमित कर्मचारी के उपस्थिति के बगैर उक्त कार्यों को नहीं कर सकता। अब बड़ा प्रश्न ये भी खड़ा होता है,ऐसी बड़ी लापरवाही से कार्य के दौरान किसी ठेकाकर्मी के साथ कुछ दुर्घटना घटती है तो जिम्मेदार कौन होगा?
सभी फीडर बिना एबी स्विचि के,कई उपकरण भगवान भरोसे,किसी एक क्षेत्र में कार्य के लिए पूरे नगर का बंद करते है बिजली
हमारी टीम जब सब स्टेशन पहुंची तो अनेक खामियों सामने आई जिसमें देखा गया कि किसी भी फीडर में ऐबी स्विच नहीं लगी है, ऐबी स्विच से ये होता है कि केवल कुछ क्षेत्र के बिजली को बंद किया जा सकता है और कार्य किया जा सकता, एबी (AB) स्विच की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। इसके अभाव में किसी एक क्षेत्र में फॉल्ट आने पर पूरे शहर की बिजली बंद करनी पड़ती है, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है।
हमारी टीम को बिजली विभाग की और भी कई उपकरणों में खामियाजा देखने को मिला जैसे कि वीसीबी पैनल में जो कभी काम करता तो कभी नहीं। साथ ही आप को ये भी बता दे सब स्टेशन में लगे वीसीबी पैनल अत्यधिक पुराना हो चुका है जिसे अनेकों बार रिपेयरिंग भी करवाया जा चुका है।
जिम्मेदार नहीं उठाते कॉल
लोगो से ये बात की जानकारी भी सामने आई है कि बिजली बाधित व्यवस्था की जानकारी या शिकायत के लिए जिम्मेदार पदस्थ AE को कॉल लगाने पर अक्सर कॉल नहीं उठाया जाता न ही कोई जानकारी दिया जाता,जिससे उपभोक्ताओं में नाराजगी है।

ट्रांसफार्मर और केबलों की स्थिति अत्यधिक जर्जर
नगर में लगे बहुत से ट्रांसफार्मर और केबलो कि स्थिति अत्याधिक जर्जर स्थिति में हैं। कई स्थानों के केबल की ऊपरी परत पूरी तरफ छिल गई है केवल अंदर की तारे नज़र आती है,जिसे अगर गलती से कोई छू लिया तो उसकी ऊपर की टिकट निश्चित है। समय पर मरम्मत और रखरखाव नहीं होने के कारण आए दिन तकनीकी खराबियां सामने आती रहती हैं। लोगों का कहना है कि जर्जर बिजली व्यवस्था कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
बहुत जल्द व्यवस्थाएं दुरुस्त हो जाएगी :- एक्सक्यूटिव इंजीनियर राजेश चौहान
बीती रात बिजली विभाग के एक्सक्यूटिव इंजीनियर राजेश चौहान बाॅंकीमोंगरा सब स्टेशन पहुंच कर बाधित बिजली व्यवस्था की जानकारी ली। मीडिया ने जब उक्त सारी बातों को लेकर चौहान से प्रश्न किया तो उन्होंने आश्वस्त किया है बहुत जल्दी सारी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाए, तत्काल कर्मियों की पूर्ति की जाएगी,जो ऐबी स्विच खराब पड़े है उन्हें एक सप्ताह के भीतर लगा दिया जाएगा, एवं अन्य जो कमियां है उन्हें भी जल्द से जल्द दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
उपस्थित नगरवासियों ने अधिकारियों से मांग की है कि कर्मचारियों की कमी दूर की जाए, जर्जर ट्रांसफार्मरों एवं केबलों को तत्काल बदला जाए, प्रत्येक फीडर पर एबी स्विच लगाए जाएं तथा शिकायतों के त्वरित समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
अब देखना होगा कब तक होगा काम
मीडिया कर्मियों ने चर्चा के दौरान नगर की जर्जर बिजली व्यवस्था खराब उपकरण के बारे में इंजीनियर को बताया तो उन्होंने आश्वस्त किया है 10 से 15 दिनों में सभी कमियों को दूर कर लिया जाएगा,जो उपकरण अत्यधिक जरूरी हे उन्हें प्रथम प्राथमिकता के आधार पे बदला जाएगा और धीरे धीरे जरूरत के अन्य समानों को उपलब्ध करा कर व्यवस्था दुरुस्त की जायेगा।



