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मध्यप्रदेश में हर सेक्टर में मौजूद है निवेश की अपार संभावनाएं: लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग सेक्टर में नए निवेश की बढ़ी संभावनाएं: मुख्यमंत्री डॉ. यादव…

भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व बदलाव आ रहा है। देश के केंद्र में स्थित होने के कारण यह प्रदेश उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम के व्यापार मार्गों को सुविधाजनक रूप से जोड़ते हुए एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर रहा है।

आधुनिक बुनियादी ढांचे, मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और उद्योग समर्थक नीतियों के कारण प्रदेश निवेशकों के लिए नए अवसरों का द्वार खोल रहा है। लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में की जा रही रणनीतिक पहलों से मध्यप्रदेश अब सिर्फ ट्रांजिट पॉइंट नहीं, बल्कि पूरे भारत की आपूर्ति श्रृंखला का एक मजबूत आधार बन रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश तेजी से लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग के हब के रूप में उभर रहा है। अपनी भौगोलिक स्थिति, उत्कृष्ट बुनियादी ढांचे और उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण यह प्रदेश निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बन गया है। मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं इसे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं।

बेहतर सड़कों और कॉरिडोर से लॉजिस्टिक्स को नई दिशा-

प्रदेश में लॉजिस्टिक्स को मजबूती देने के लिए राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों का तेज़ी से विस्तार किया गया है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, उत्तर-दक्षिण फ्रेट कॉरिडोर और भारतमाला परियोजना प्रदेश को लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण केंद्र बना रही हैं। इंदौर और भोपाल में विकसित हो रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (एमएमएलपी) व्यापार को आसान और लागत प्रभावी बना रहे हैं।

हवाई मार्ग से निर्यात और उद्योग को नई गति-

प्रदेश के छह प्रमुख हवाई अड्डों पर एयर कार्गो सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ी ताकत मिल रही है। रीवा हवाई अड्डे के चालू होने से व्यापार और औद्योगिक परिवहन को नई रफ्तार मिली है। फार्मा, टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और खाद्य प्र-संस्करण जैसे उद्योगों को अब कम समय में बेहतर लॉजिस्टिक्स सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं।

डिजिटल तकनीक से लॉजिस्टिक्स और बिजनेस में आई ट्रांसपेरेंसी-

प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत विकसित डिजिटल लॉजिस्टिक्स प्रणाली व्यापारियों के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। एकीकृत लॉजिस्टिक्स इंटरफेस प्लेटफॉर्म (यूएलआईपी) के माध्यम से पारदर्शी और कुशल लॉजिस्टिक्स सेवाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। प्रदेश के लॉजिस्टिक्स हब में स्मार्ट वेयरहाउसिंग, ऑटोमैटेड ट्रैकिंग और डिजिटल डिलीवरी सिस्टम को बढ़ावा दिया जा रहा है।

औद्योगिक विकास एवं लॉजिस्टिक्स में बेहतर तालमेल-

प्रदेश में लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक विकास का गहरा तालमेल देखने को मिल रहा है। विक्रम उद्योगपुरी आईआईटीवीयूएल जैसी परियोजनाएं लॉजिस्टिक्स सेक्टर के विस्तार में बड़ी भूमिका निभा रही हैं। प्रदेश में स्थापित किए जा रहे 11 औद्योगिक गलियारे और 20 स्मार्ट औद्योगिक क्षेत्र लॉजिस्टिक्स उद्योग को नई ऊर्जा प्रदान कर रहे हैं। हरित ऊर्जा समाधान और इलेक्ट्रिक लॉजिस्टिक्स वाहनों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मजबूत नीति और प्रोत्साहन-

मध्यप्रदेश सरकार लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लेकर आई है। निश्चित पूंजी निवेश पर 30% तक की वित्तीय सहायता, स्टाम्प ड्यूटी में 100% छूट और लॉजिस्टिक्स पार्कों के लिए अनुदान जैसी योजनाएं निवेशकों को आकर्षित कर रही हैं। ग्रीन लॉजिस्टिक्स को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार आईजीबीसी प्रमाणन प्राप्त इकाइयों को अतिरिक्त रियायतें दे रही है।

लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में नए अवसरों का केंद्र-

प्रदेश की मजबूत आधारभूत संरचना, उन्नत तकनीक और उद्योग अनुकूल नीति इसे लॉजिस्टिक्स सेक्टर के सबसे प्रमुख निवेश केंद्रों में शामिल कर रही है। सरकार के स्पष्ट विजन और विकास रणनीति के चलते यह क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है।

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