कुकुर्दीकेरा में पटवारी रानी मरावी पर रिश्वत का आरोप: जमीन के काम के नाम पर लाखों की वसूली, ग्रामीणों ने CM हेल्पलाइन में की शिकायत पढ़े पूरी ख़बर
बिलासपुर//पचपेड़ी मस्तूरी विधानसभा के पचपेड़ी तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत कुकुर्दीकेरा में पदस्थ पटवारी रानी मरावी पर ग्रामीणों और सरपंच ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पटवारी जमीन संबंधी कामों के नाम पर लाखों रुपये की रिश्वत मांगती हैं। मामले की शिकायत CM हेल्पलाइन 181 में दर्ज कराई गई है।
क्या है पूरा मामला?
1.शिकायत किसने की ग्राम पंचायत कुकुर्दीकेरा के दर्जनों ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से पटवारी रानी मरावी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
2.आरोप क्या है ग्रामीणों का कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और ऋण पुस्तिका जैसे जरूरी कामों के लिए पटवारी द्वारा मोटी रकम मांगी जाती है। “बिना पैसे दिए एक भी काम नहीं होता” – शिकायत में यह बात कही गई है।
3.CM हेल्पलाइन में शिकायत परेशान होकर ग्रामीणों ने CM हेल्पलाइन 1076 पर कॉल कर पटवारी की शिकायत की है। शिकायत में लाखों की घुसखोरी का जिक्र किया गया है।
ग्रामीणों का कहना…
“गरीब किसान अपनी जमीन के कागज बनवाने जाता है तो 10-15 हजार मांगे जाते हैं। कई बार चक्कर कटवाने के बाद भी काम नहीं होता। तंग आकर हमने शिकायत की है” – कुकुर्दीकेरा के एक किसान ने बताया।”पूरा गांव परेशान है। शासन की मंशा है कि जनता को बिना रिश्वत काम मिले, लेकिन यहां तो उल्टा हो रहा है। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।”
प्रशासन का पक्ष…
शिकायत CM हेल्पलाइन में दर्ज होने के बाद मामला सम्बंधित अधिकारियों के पास भेजा गया है।”शिकायत मिली है। पटवारी से जवाब मांगा जाएगा और दस्तावेजों की जांच की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
पटवारी का पक्ष…
इस संबंध में पटवारी रानी मरावी नें कहा हैँ कि उनपर बेबुनियाद इल्जाम लगाए जा रहें हैँ और उनको बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा हैँ हालांकि जाँच के बाद ही सच सामने आएगी जिसका इंतजार हैँ पटवारी भी जाँच के लिए तैयार होनें की बात कही हैँ।
क्या होता है अब आगे…
CM हेल्पलाइन की गाइडलाइन के अनुसार 30 दिन में शिकायत का निराकरण जरूरी है। राजस्व विभाग अब पटवारी के पिछले 1 साल के कामों, नामांतरण और बंटवारे की फाइलों की जांच करेगा। शिकायत सही पाए जाने पर निलंबन और विभागीय जांच की कार्रवाई हो सकती है।
ग्रामीणों की मांग…
ग्रामीणों ने कलेक्टर बिलासपुर से मांग की है कि पटवारी को तत्काल कुकुर्दीकेरा से हटाकर किसी अन्य पटवारी को अस्थाई प्रभार दिया जाए, ताकि किसानों के काम प्रभावित न हों।




