छत्तीसगढ़

CG – खौफ के साए में जी रहे इन गांवों के लोग, टाइगर, तेंदुए व हाथियों ने दी दस्तक, वन विभाग ने जारी किया अलर्ट……

रायगढ़। इन दिनों जंगल से लगे गांवों में वन्य प्राणियों की चहल-कदमी ने ग्रामीण खौफ के साए में जीने को मजबूर हो गए है। टाइगर, तेदुएं व हाथियों के लगतार विचरण को देखते हुए वन विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है। छत्तीसगढ़ रायगढ़ के धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों ने ग्रामीणों की मुसिबतें कुछ ज्यादा ही बढ़ा दी है। फसलों को रौंदने के साथ ही साथ ही रोपाई के लिए तैयार किए गए नर्सरी को भी रौंद रहे हैं। हाथियों का दल गांव में घुस रहा है और मकानों को तोड़ रहे हैं। बारिश के दिनों में ग्रामीणों के लिए यह आफत से कम नहीं है।

छत्तीसगढ़ रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में भोजन की तलाश में भटक रहे हाथियों ने जंगल से लगे वन ग्रामों में भारी तबाही मचाई है। बीते दो रात में हाथियों के दल ने गांव के करीब पहुंचकर 8 ग्रामीणों के घरों को तोड़ दिया, 3 किसानों की खड़ी धान की फसल और नर्सरी को रौंद दिया। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर हुए नुकसान का आंकलन कर मुआवजा देने की कागजी कार्रवाई में जुट गई है।

धरमजयगढ़ वन मंडल के कापू रेंज, लिप्ती बीट के अंतर्गत आने वाले ग्राम चितामाड़ा, पखनाकोट और कमरई में सोमवार की रात हाथियों के दल ने उत्पात मचाया। हाथियों ने बैसाखु लकड़ा, संजय लकड़ा, दीपक केरकेट्टा, परमेश्वर मिंज, सिरिल मिंज और एक अन्य ग्रामीण के मकान को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। मंगलवार की रात को हाथियों का उत्पात जारी रहा। इस रात पखनाकोट में भूखन मिंज और परसराम मिंज के मकानों को ध्वस्त कर दिया। दो किसानों के धान के थरहा को बर्बाद कर दिया।

रायगढ़ जिले में 135 हाथी अलग-अलग दलों में विचरण कर रहे हैं। इनमें से सबसे ज्यादा 114 हाथी अकेले धरमजयगढ़ वन मंडल में सक्रिय हैं, रायगढ़ वन मंडल में 21 हाथी मौजूद हैं।

बस्तर के कुरंदी गांव में एक दशक बाद फिर बाघ की आहट ने ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। खेतों से सटे जंगल में मिले विशाल पंजों के ताजा निशानों ने पूरे इलाके को सतर्क कर दिया है। गांव में शाम ढलते ही लोगों ने घरों से निकलना कम कर दिया है। मवेशियों को खुले में छोड़ने की बजाय सुरक्षित बाड़ों में बांधा जा रहा है।

ग्राम ढेकलावन व गट्टागुड़ूम में आदमखोर तेंदुआ वन विभाग के लिए मुसीबत बन गया है। तेंदुए की स्थिति जानने दोनों जगह लगाए कैमरों में वह एक बार ही नजर आया। उसे पकड़ने लगाए पिंजरे में बकरा रखने के बाद भी खतरा भांपकर उसने पिंजरे से दूरी बना ली है।

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