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धमतरी

वन संपदा से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता दुगली, IFS अधिकारी ने वन धन विकास केंद्र की सराहना

वनाधारित आजीविका एवं औषधीय पौधों के संवर्धन पर दिया गया विशेष जोर

धमतरी…वनाधारित आजीविका को सशक्त बनाने, लघु वनोपज के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने तथा स्व-सहायता समूहों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से श्री लक्ष्मीकांत कुंभार, आईएफएस के मार्गदर्शन में वन धन विकास केंद्र (वी.डी.वी.के.) दुगली का निरीक्षण एवं भ्रमण किया गया।

इस अवसर पर जिला यूनियन धमतरी के उप प्रबंध संचालक श्री सूर्य प्रकाश ध्रुव, सीनियर एग्जीक्यूटिव श्री गुड्डू दुफारे, डिप्टी रेंजर श्री सिल्वर कुमार सोम, वन धन मैनेजर श्री संजय साहू सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने वन धन विकास केंद्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों, प्रसंस्करण इकाइयों तथा मूल्य संवर्धन संबंधी कार्यों का अवलोकन किया। समूह की महिला सदस्यों एवं हितग्राहियों से संवाद कर केंद्र की प्रगति, उपलब्धियों, उत्पादन क्षमता, विपणन व्यवस्था तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने समूहों को स्थानीय संसाधनों के अधिकतम उपयोग, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन एवं बाजार की मांग के अनुरूप उत्पाद तैयार करने के लिए प्रेरित किया।

निरीक्षण के दौरान पी.पी.ए. (PPA) मेडिसिनल प्लांट का भी अवलोकन किया गया। इस दौरान औषधीय पौधों के संरक्षण, वैज्ञानिक संवर्धन, सतत प्रबंधन तथा उनके व्यावसायिक उपयोग की संभावनाओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने औषधीय एवं लघु वनोपज आधारित उत्पादों के प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन को मजबूत करने पर विशेष बल दिया, ताकि स्थानीय वनवासियों एवं स्व-सहायता समूहों को अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त हो सके।

श्री लक्ष्मीकांत कुंभार ने वन धन विकास केंद्र के माध्यम से किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वनाधारित आजीविका को सशक्त बनाने में ऐसे केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने समूहों को उत्पादों की गुणवत्ता में निरंतर सुधार, मूल्य संवर्धन, नवाचार, गुणवत्ता मानकों के पालन तथा प्रभावी विपणन रणनीति अपनाने के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन दिया। उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय वन संपदा का वैज्ञानिक एवं सतत उपयोग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के साथ-साथ रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित कर सकता है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने भी केंद्र की गतिविधियों की सराहना करते हुए बेहतर समन्वय, तकनीकी सहयोग और क्षमता विकास के माध्यम से वन धन विकास केंद्रों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। भ्रमण कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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