
धमतरी/नगरी। धमतरी जिले के नगरी वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहम्मला और परसापानी के बीच जंगल में अवैध अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम को मंगलवार को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने कार्रवाई को अधूरा बताते हुए अतिक्रमण में उपयोग किए गए ट्रैक्टरों और अन्य कृषि वाहनों को जब्त करने की मांग की। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया।
वन विभाग के एसडीओ संजय रौतिया के अनुसार विभाग के करीब 15 अधिकारी-कर्मचारी जंगल में अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए और कहा कि केवल अतिक्रमण हटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि वन भूमि पर कब्जा करने वालों के वाहनों को भी जब्त किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नगरी वन परिक्षेत्र के बाँधा बिट के कक्ष क्रमांक 289 और 277 में कुछ लोगों ने जंगल की कटाई कर खेती के लिए भूमि तैयार कर ली है। मंगलवार को भी कई ट्रैक्टरों से जुताई की जा रही थी। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि कार्रवाई शुरू होते ही कथित अतिक्रमणकारी ट्रैक्टर लेकर फरार हो गए।
इसके बाद परसापानी और मोहम्मला के ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को रोक लिया और स्पष्ट कहा कि जब तक अतिक्रमण में इस्तेमाल किए गए ट्रैक्टर और अन्य वाहन जब्त नहीं किए जाएंगे, तब तक अधिकारियों को वापस नहीं जाने दिया जाएगा।
सूचना पर नगरी तहसीलदार के साथ दुगली, सिहावा और नगरी थाना का पुलिस बल मौके पर पहुंचा। घटनास्थल पर करीब 100 से 120 महिला-पुरुष ग्रामीण मौजूद थे। पुलिस ने ग्रामीणों से चर्चा कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई और वन विभाग की टीम सुरक्षित वापस लौट सकी।
ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से कक्ष क्रमांक 289 के जंगल की सुरक्षा कर रहे हैं, लेकिन पिछले दो वर्षों से लगातार अवैध अतिक्रमण हो रहा है। उन्होंने वन विभाग से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल वन विभाग पूरे मामले में वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है।