CG – पचपेड़ी जोंधरा औऱ भटचौरा में अवैध चखना सेंटर का बोलबाला: लाइसेंसी संचालक घाटे में, आबकारी और पुलिस से शिकायत पर भी नहीं हो रही कार्रवाई पढ़े पुरी ख़बर
पचपेड़ी//थाना क्षेत्र के सरकारी शराब दुकानों के आसपास अवैध चखना सेंटर धड़ल्ले से चल रहे हैं। पचपेड़ी, भटचौरा और जोंधरा तीनों जगह की स्थिति एक जैसी है। आबकारी विभाग से लाइसेंस लेकर चखना सेंटर चलाने वाले संचालक रोजाना घाटा झेलने को मजबूर हैं, वहीं बिना अनुमति चल रहे अवैध सेंटर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं इनमे से कई ऐसे भी है जो बेधड़क होकर अपने यहाँ लोंगो कों बार जैसी सुविधा भी दे रहें है वो भी बिना लाइसेंस के।
क्या है पूरा मामला?
लाइसेंसी परेशान आबकारी विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया के बाद चखना सेंटर का संचालन करने वाले लोगों का आरोप है कि उन्होंने रकम देकर सरकारी नियमों के तहत सेंटर लिया है। लेकिन उनके बगल में ही बिना लाइसेंस के अवैध चखना सेंटर चल रहे हैं।
अवैध सेंटर की भरमार पचपेड़ी, भटचौरा और जोंधरा की सरकारी शराब दुकानों के आसपास ही टेबल-कुर्सी लगाकर अवैध रूप से चखना परोसा जा रहा है। वहां सस्ते दाम और मनमानी परोसने के कारण ग्राहक लाइसेंसी सेंटर छोड़कर वहीं जा रहे हैं।
शिकायत के बाद भी मौन लाइसेंसी संचालकों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में कई बार आबकारी विभाग और पचपेड़ी थाने में मौखिक शिकायत की है। लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लाइसेंसी संचालक का दर्द…
“हम लाखों रुपये देकर टेंडर लिए हैं। किराया, लाइसेंस फीस, जीएसटी सब देना पड़ता है। और यहां बगल में बिना एक रुपया दिए लोग धंधा कर रहे हैं। हमसे ज्यादा वही कमा रहे हैं। बार-बार शिकायत की, पर कोई सुनता ही नहीं” दूसरे संचालक ने सवाल उठाया, “आखिर आबकारी विभाग और पुलिस इन अवैध सेंटर वालों पर इतनी मेहरबान क्यों है? क्या सब सेटिंग है?”
ग्रामीणों की मांग…
स्थानीय लोगों और लाइसेंसी संचालकों ने कलेक्टर बिलासपुर और आबकारी आयुक्त से मांग की है कि:
1. पचपेड़ी, भटचौरा और जोंधरा में तत्काल संयुक्त छापा मारा जाए
2. अवैध चखना सेंटरों को सील कर संचालकों पर जुर्माना लगाया जाए
3. लाइसेंसी सेंटरों को सुरक्षा दी जाए।




