रिकॉर्ड समय में पंडरिया शक्कर कारखाने ने किया 18.97 करोड़ रुपये की एफआरपी का भुगतान, 4,961 गन्ना किसानों के खातों में पहुंची राशि, पिछले पांच वर्षों में सबसे तेज भुगतान।

पंडरिया/पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल सहकारी शक्कर कारखाना मर्यादित, पंडरिया ने पेराई सत्र 2025-26 की शेष 18.97 करोड़ रुपये की एफआरपी (फेयर एंड रिम्यूनरेटिव प्राइस) राशि का भुगतान जारी कर दिया है। इसके साथ ही इस सत्र में खरीदे गए गन्ने का 100 प्रतिशत एफआरपी भुगतान पूरा हो गया है।
कारखाना प्रबंधन के अनुसार केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 329.05 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदा गया था। किसानों को कुल 40.05 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाना था, जिसमें से 21.07 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके थे। अब शेष 18.97 करोड़ रुपये की राशि 4,961 गन्ना उत्पादक किसानों के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी गई है। यह भुगतान 21 दिसंबर 2025 से 7 फरवरी 2026 के बीच गन्ना आपूर्ति करने वाले किसानों के लिए किया गया है।
कारखाना के प्रबंध संचालक यू.के. कौशिक ने बताया कि सत्र की शेष रिकवरी राशि का भुगतान भी शीघ्र किया जाएगा।
पांच वर्षों में सबसे तेज भुगतान
शक्कर कारखाना प्रबंधन के अनुसार इस वर्ष किसानों को एफआरपी का पूरा भुगतान 15 जुलाई 2026 तक कर दिया गया, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे तेज भुगतान है। इससे पहले वर्ष 2021-22 का भुगतान 12 सितंबर 2022, 2022-23 का 14 अगस्त 2023, 2023-24 का 19 सितंबर 2024 तथा 2024-25 का 18 अक्टूबर 2025 को पूरा हुआ था।
विधायक भावना बोहरा ने दी किसानों को बधाई
पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने किसानों को बधाई देते हुए कहा कि किसानों का हित उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उनकी..नीति स्पष्ट और नीयत साफ..है तथा किसानों को उनकी उपज का समय पर पूरा भुगतान दिलाने के लिए शासन और कारखाना प्रबंधन से लगातार संवाद किया गया। इसी का परिणाम है कि इस वर्ष रिकॉर्ड समय में एफआरपी का शत-प्रतिशत भुगतान संभव हो सका।
उन्होंने कहा कि किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे तो गांव और प्रदेश दोनों समृद्ध होंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। विधायक ने भरोसा दिलाया कि किसानों से जुड़े हर मुद्दे को शासन तक पहुंचाने और शेष रिकवरी राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए भी लगातार प्रयास जारी रहेंगे।



