
50 साल पुराने बेलरगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत बदहाल, बारिश में वार्डों में टपकता पानी, महिला डॉक्टर और ड्रेसिंग स्टाफ का भी अभाव।
Chhattisgarh धमतरी/बेलरगांव। नगरी विकासखंड के बेलरगांव स्थित 10 बिस्तर वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति मरीजों और प्रसूताओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। करीब 50 वर्ष पुराने इस भवन की छत से बारिश का पानी रिसकर वार्डों में गिरता है, दीवारों में दरारें हैं और जगह-जगह प्लास्टर झड़ रहा है। ऐसे जर्जर भवन में प्रसूताएं शिशुओं को जन्म देने को मजबूर हैं, जिससे महिलाओं और नवजातों की जान पर खतरा बना हुआ है।
बेलरगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर बेलरगांव सहित करीब 50 गांवों के लोग उपचार के लिए निर्भर हैं। बावजूद इसके भवन की वर्षों से मरम्मत नहीं कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल का कई बार निरीक्षण हुआ, लेकिन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने अब तक मरम्मत के लिए कोई ठोस पहल नहीं की।
ग्रामीण सुभाष चंद्र साहू ने बताया कि अस्पताल की छत में सीलन है, दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं और कमरों की छत से लगातार प्लास्टर गिर रहा है। कई बार शिकायत के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। वहीं वेद कुमार गंजीर ने बताया कि अस्पताल में महिला डॉक्टर नहीं होने से महिलाओं का उपचार पुरुष चिकित्सक और नर्स के भरोसे हो रहा है। प्रदीप साहू ने कहा कि अस्पताल की तत्काल मरम्मत कराई जानी चाहिए, ताकि क्षेत्रवासियों को सुरक्षित और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी डॉ. जय किशन नाग ने बताया कि अस्पताल में महिला डॉक्टर और ड्रेसिंग स्टाफ नहीं है। ड्रेसिंग कर्मी के अभाव में उन्हें स्वयं मरीजों की ड्रेसिंग करनी पड़ती है, जिससे मरीजों को इंतजार करना पड़ता है और कार्य प्रभावित होता है।
बेलरगांव अस्पताल पर बेलरगांव, नवांगांव, कसपुर, आमगांव, भुरसीडोरी, बरबाधा, घुरावड़, जैतपुरी, कट्टीगांव, बरौली, मरयामरी, भुमका, बिरगुड़ी, गढ़डोंगरी, गिधावा, पांवद्वार, जारीहीरीडीही, बोकरा बेड़ा, लटियारा, साहनीखर, हीरीडीही, बनोरा, डोमपदर, कोडमुड, घटूला, रतवा, गोहनपारा, जामपानी, झुरानदी समेत लगभग 50 गांवों के लोग इलाज के लिए निर्भर हैं। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से अस्पताल भवन की शीघ्र मरम्मत कराने और आवश्यक स्वास्थ्य स्टाफ की नियुक्ति की मांग की है।




