CG – कटघोरा कृषि विभाग में अफसरशाही हावी आरएओ 17 दिन से गायब एसएडीओ एमपी सिंह का अधीनस्थों पर कोई नियंत्रण नही भाजपा नेता राजेश यादव ने उठाए सवाल? पढ़े पूरी ख़बर
कोरबा//जिले के कटघोरा कृषि विभाग अब खेती- किसानी से ज्यादा अफसरशाही, भाई- भतीजावाद और लापरवाही का अड्डा बनता जा रहा है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की 17 दिन से लागातार अनुपस्थिति ने विभाग की पोल खोल दी है, तो दूसरी ओर इस अव्यवस्था के लिए सीधे तौर पर वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी (एसएडीओ) एम.पी. सिंह की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विभागीय सूत्रों और किसानों का आरोप है कि एसएडीओ एम.पी सिंह का अपने अधीनस्थ अधिकारियों- कर्मचारियों पर कोई लगाम नही है। यही कारण है कि गांव स्तर के कृषि अधिकारी अपनी मनमानी पर उतारू हैं। ताजा मामला आरएईओ देवशरण पैकरा का है, कार्यालय कृषि विकास अधिकारी, कटघोरा द्वारा उप संचालक कृषि, कोरबा को भेजे गए पत्र क्रमांक- स्था./ 2026- 27/ 327, दिनांक 17 अगस्त 2026 के अनुसार पैकरा को पंडरीपानी के साथ कटघोरा एवं जेंजरा क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उन्होंने 31 जुलाई को उपस्थिति दी और 1 अगस्त से 17 अगस्त तक बिना सूचना के गायब रहे, मोबाइल तक बंद मिला।
पत्र में खुद एसएडीओ कार्यालय ने माना है कि इससे किसानों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सवाल यह है कि जब एसएडीओ को ही अपने अधीनस्थ के 17 दिन तक गायब रहने की जानकारी पत्र लिखकर देनी पड़ रही है तो रोजाना मॉनिटरिंग और नियंत्रण कैसा है? किसानों और कर्मचारियों में चर्चा है कि एम.पी. सिंह वर्षों से कटघोरा में ही काबिज हैं। लंबे समय तक एक ही जगह जमे रहने से वे भाई- भतीजावाद और अफसरशाही को अंजाम देने में लगे हैं। आरोप है कि पसंदीदा अधिकारियों को संरक्षण और दूसरों पर दबाव की नीति से विभाग में अनुशासन खत्म हो गया है। नतीजतन फील्ड का अधिकारी गांव नही जाता और किसान योजनाओं से लिये भटक रहे हैं।
यदि कटघोरा कृषि विभाग अंतर्गत किसानों को निशुल्क विभिन्न बीज वितरण की जमीनी स्तर पर जांच हो तो सारी सच्चाई खुलकर सामने आ जाएगी। इसे लेकर भाजपा झुग्गी- झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक राजेश यादव ने कटघोरा कृषि विभाग पर हमला बोला है और पूरी अव्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब एसएडीओ का ही अपने स्टाफ पर नियंत्रण नही होगा तो खेती कैसै सुधरेगी? बार- बार संबंधित अधिकारी पर जिला स्तर की मेहरबानी क्यों है? यह भाई- भतीजावाद नही तो क्या है? राजेश यादव ने महिला अधिकारियों के प्रति कथित आपत्तिजनक एवं अभद्र टिप्पड़ी के मामले पर भी निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जानकारी के अनुसार विभागीय ऑफिसियल ग्रुप में भी ऐसी टिप्पणियां किये जाने की शिकायत सामने आई है। यादव ने कहा है कि महिला अधिकारियों की गरिमा से कोई समझौता नही होना चाहिए। राजेश यादव के स्पष्ट किया है कि इस पूरे मामले में आरएईओ की 17 दिन की नदारदगी और वर्षों से एक ही जगह जमे रहने से पनपे भाई- भतीजावाद तथा महिला अधिकारियों पर कथित अभद्र टिप्पड़ी की शिकायत लेकर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, प्रभारी मंत्री अरुण साव और कलेक्टर कोरबा से मिलेंगे।
राजेश यादव ने मांग की है- अनुपस्थित आरएईओ के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो, एसएडीओ एमपी सिंह के लंबे कार्यकाल और कार्यप्रणाली की जांच ही, साथ ही अन्य अधिकारी की पोस्टिंग हो। किसानों का भी कहना है कि शासन की मंशा है योजनाएं खेत ति पहुँचे लेकिन कटघोरा में योजनाएं एसएडीओ कार्यालय की फाइलों में ही दम तोड़ रही है। इस पर प्रशासनिक सुधार की अति आवश्यकता है, वरना किसान योजनाओं का बंटाधार हो जाएगा।




