CG- मासूम बच्चे के सांस की नली में फंसी सेफ्टी पिन,मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने ऐसे बचाई 2 वर्षीय मासूम की जान…

जगदलपुर, 27 अगस्त । बस्तर जिले के मावलीबेडा की दो वर्षीय बालिका मोनिका की जान समय रहते डॉक्टरों की सूझबूझ और त्वरित उपचार से बच गई। खेलते-खेलते मासूम ने गलती से सेफ्टी पिन मुंह में डाल ली, जो सांस की नली (ट्रेकिया) में फंस गई। परिजन गंभीर हालत में उसे देर रात शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, जगदलपुर लेकर पहुंचे।
नाक, कान एवं गला (ईएनटी) विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुरजीत सिंह ने दूरबीन (एंडोस्कोपिक) पद्धति से सफल ऑपरेशन कर श्वास नली में फंसी सेफ्टी पिन को सुरक्षित बाहर निकाल दिया। इस जटिल प्रक्रिया में डॉ. हेमंत शर्मा ने सहयोग किया। वहीं ऑपरेशन के दौरान निश्चेतना (एनेस्थीसिया) विभाग की अहम भूमिका रही। विभागाध्यक्ष डॉ. रवि, डॉ. सुचिष्मिता और डॉ. काशी ने सफल एनेस्थीसिया प्रबंधन कर ऑपरेशन को सुरक्षित बनाया।
डॉ. सुरजीत सिंह ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि छोटे बच्चों को सिक्के, सेफ्टी पिन, छोटे खिलौने, बीज या अन्य छोटी वस्तुओं से खेलने न दें। ऐसी चीजें गलती से सांस की नली में पहुंचने पर जानलेवा साबित हो सकती हैं। यदि किसी बच्चे को अचानक लगातार खांसी, सांस लेने में तकलीफ या गले में कुछ फंसने जैसी समस्या हो तो बिना देर किए निकटतम अस्पताल पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सक से तुरंत उपचार कराना चाहिए।
फिलहाल, डॉक्टरों की तत्परता और आधुनिक दूरबीन तकनीक के चलते मासूम मोनिका अब सुरक्षित है। यह घटना अभिभावकों के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि बच्चों की छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर हादसे में बदल सकती है।



