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कोरबा कलेक्टर की किसानों से अपील,कृषक उन्नति योजना का लाभ लेने पात्र किसान इस तिथि तक कराएं पंजीयन,एकीकृत किसान पोर्टल और एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य

नयाभारत कोरबा छत्तीसगढ़ शासन, कृषि एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के क्रियान्वयन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। योजना का उद्देश्य फसल क्षेत्राच्छादन, उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाना, खेती की लागत कम कर किसानों की आय में वृद्धि करना,नवीन कृषि तकनीक में निवेश को प्रोत्साहित करना तथा बाजारोन्मुखी फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है।
योजना का लाभ लेने के लिए पात्र किसानों को 31 अक्टूबर 2026 तक एकीकृत किसान पोर्टल और एग्रीस्टेक पोर्टल—दोनों में पंजीयन कराना अनिवार्य है। एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीकृत ऐसे किसान, जिन्होंने पिछले खरीफ में धान की खेती की थी और खरीफ 2026 में धान के स्थान पर अन्य फसल लेने के लिए पंजीयन कराया है, योजना के पात्र होंगे। खरीफ में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की खेती करने वाले किसान भी निर्धारित शर्तों के अधीन पात्र होंगे। ट्रस्ट, मंडल, प्राइवेट लिमिटेड कंपनी, शाला विकास समिति तथा केंद्र एवं राज्य शासन के संस्थान और महाविद्यालय जैसी विधिक संस्थाएं योजना का लाभ लेने के लिए पात्र नहीं होंगी।
योजना के अंतर्गत सहायता राशि किसानों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से दी जाएगी। पिछले खरीफ में धान की खेती करने वाले और खरीफ 2026 में धान के बदले अन्य खरीफ फसल लेने के लिए पंजीयन कराने वाले किसानों को एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबे की पुष्टि के बाद मान्य रकबे पर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता दी जाएगी। खरीफ में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की खेती करने वाले पात्र किसानों को पंजीयन और रकबे की पुष्टि के बाद 10 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से सहायता मिलेगी।

पिछले वर्ष की फसल और रकबे की पुष्टि डिजिटल क्रॉप सर्वे के आंकड़ों से की जाएगी
जहां डिजिटल क्रॉप सर्वे का डेटा उपलब्ध नहीं होगा, वहां जिला कलेक्टर की अनुमति से गिरदावरी के आंकड़ों के आधार पर रकबे का सत्यापन किया जाएगा। खरीफ 2026 में फसलवार, रकबावार और खसरावार त्रुटिरहित गिरदावरी तथा ई-गिरदावरी सुनिश्चित करने के लिए राजस्व एवं कृषि विभाग के मैदानी अमले को निर्देशित किया गया है। डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए सर्वेयर नियुक्त किए गए हैं और तहसील स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।

आवश्यक दस्तावेजों के साथ नजदीकी सेवा सहकारी समिति से संपर्क कर सकते हैं
एग्रीस्टेक छत्तीसगढ़ फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल में पंजीयन के लिए आधार कार्ड, भूमि की अद्यतन ऋण पुस्तिका/बी-1, खसरा और आधार से लिंक मोबाइल नंबर लेकर नजदीकी लोक सेवा केंद्र या सेवा सहकारी समिति जाएं। पंजीयन के दौरान आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन होगा। इसके बाद संबंधित क्षेत्र के पटवारी के लॉगिन से सत्यापन और तहसीलदार के लॉगिन से अनुमोदन किया जाएगा।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने किसानों से अपील

किसान योजना का लाभ लेने के लिए 31 अक्टूबर तक एकीकृत किसान पोर्टल और एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन अवश्य कराएं तथा फसल और रकबे से संबंधित सही जानकारी देकर गिरदावरी एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे में सहयोग करें। पंजीयन और सर्वे से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान अपने क्षेत्र के पटवारी, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, सेवा सहकारी समिति या लोक सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।

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