कवर्धा में 90 स्व-सहायता समूह सदस्यों का गैर-संचारी रोगों पर संवेदीकरण, गांव-गांव जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध

कवर्धा में 90 स्व-सहायता समूह सदस्यों का गैर-संचारी रोगों पर संवेदीकरण, गांव-गांव जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध
आयोजक जिला स्वास्थ्य समिति कवर्धा एवं यूनिसेफ़ एवं एमसीसीर ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह, जन्मजात हृदय विकार और मानसिक स्वास्थ्य पर दी गई जानकारी
कवर्धा, 12 अक्टूबर 2026। जिला कवर्धा में जिला के जनपद पंचायत भवन में स्व-सहायता समूह के लगभग 90 सदस्यों का गैर-संचारी रोगों के प्रति संवेदीकरण किया गया। कार्यक्रम का आयोजन यूनिसेफ़ छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समुदाय में बच्चों को प्रभावित करने वाले प्रमुख गैर-संचारी रोगों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा स्व-सहायता समूह के सदस्यों को समुदाय स्तर पर जागरूकता के प्रभावी माध्यम के रूप में तैयार करना था।
सत्र के दौरान बच्चों में होने वाले प्रमुख स्वास्थ्य विकारों, विशेषकर सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह (टाइप-1 डायबिटीज) एवं जन्मजात हृदय विकारों के लक्षणों, समय पर पहचान और उचित उपचार के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने विभिन्न स्वास्थ्य विषयों पर अपनी जिज्ञासाएं एवं प्रश्न रखे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा समाधान किया गया। इस संवादात्मक सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों को इन बीमारियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने तथा जरूरतमंद बच्चों और उनके परिवारों को उचित मार्गदर्शन देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में स्व-सहायता समूह के सदस्यों ने इन स्वास्थ्य विषयों के प्रति अपने गांवों और समुदायों में जागरूकता फैलाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। इस पहल का उद्देश्य सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करना तथा बच्चों में गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान, उपचार और देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
जिला स्वास्थ्य समिति से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ डी. के. तुरे,जिला कार्यक्रम समन्वयक श्रीमती अनुपमा तिवारी,ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर कवर्धा का विशेष योगदान रहा.यूनिसेफ़ एवं एमसीसीर ट्रस्ट के संयुक्त प्रयासों से आयोजित यह पहल समुदाय आधारित स्वास्थ्य जागरूकता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।



