बाहरी कंपनियों को मौका, छत्तीसगढ़िया ठेकेदारों पर संकट, ₹1,193 करोड़ के ग्लोबल टेंडर पर महासंग्राम, निरस्त नहीं हुआ तो प्रदेशव्यापी बंद की चेतावनी..!

400 गाड़ियों के संचालन और लगातार ₹360 करोड़ टर्नओवर की शर्त पर संघ ने जताई आप
त्ति, निविदा निरस्त करने की मांग, जरूरत पड़ने पर प्रदेशव्यापी बंद की चेतावनी
रायपुर, छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ पावर कंपनी वाहन मालिक कल्याण संघ ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) द्वारा जारी ₹1,193.46 करोड़ की ग्लोबल निविदा क्रमांक 18/1867, दिनांक 06 अक्टूबर 2026, पर गंभीर आपत्ति जताई है। संघ के अनुसार, निविदा की कठिन पात्रता शर्तों के कारण प्रदेश के 500 से अधिक स्थानीय ठेकेदार प्रतिस्पर्धा से बाहर हो सकते हैं, जिससे स्थानीय रोजगार और छोटे व्यवसायों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
प्रबंध निदेशक से मुलाकात, मुख्यमंत्री के समक्ष भी उठेगा मामला
संघ के प्रतिनिधियों ने CSPDCL के डंगनिया कार्यालय में माननीय प्रबंध निदेशक महोदय से मुलाकात कर निविदा से जुड़ी समस्याओं और स्थानीय वाहन मालिकों की चिंताओं से अवगत कराया। संगठन ने निविदा निरस्त करने की मांग रखते हुए कहा कि वर्षों से विभागीय कार्य कर रहे स्थानीय ठेकेदारों को भी निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अवसर मिलना चाहिए।
संघ ने इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखने और उनसे मुलाकात कर स्थानीय ठेकेदारों के हितों की रक्षा की मांग करने की योजना भी बनाई है।
400 गाड़ियों और ₹360 करोड़ टर्नओवर की शर्त पर सवाल
संघ के अनुसार, एक साथ 400 गाड़ियों के संचालन का अनुभव तथा पिछले कई वित्तीय वर्षों में लगातार लगभग ₹360 करोड़ का टर्नओवर होने जैसी शर्तं छोटे और मध्यम स्तर के स्थानीय ठेकेदारों के लिए बड़ी बाधा बन सकती हैं।
संगठन का कहना है कि इन शर्तों के चलते प्रदेश के 500 से अधिक ठेकेदार निविदा की प्रतिस्पर्धा से बाहर हो सकते हैं, जबकि केवल कुछ बड़ी कंपनियां ही इसमें भाग लेने की स्थिति में रह जाएंगी। संघ को आशंका है कि निविदा की मौजूदा संरचना बाहरी बड़ी कंपनियों के लिए अधिक अनुकूल साबित हो सकती है।
संघ ने संबंधित अधिकारियों से इन शर्तों की आवश्यकता और औचित्य की समीक्षा करने तथा स्थानीय ठेकेदारों के लिए व्यावहारिक एवं निष्पक्ष अवसर सुनिश्चित करने की मांग की है।
छत्तीसगढ़िया ठेकेदारों को बाहर कर बाहरी कंपनियों को प्राथमिकता क्यों?
संघ ने सवाल उठाया है कि प्रदेश में वर्षों से विभागीय सेवाएं दे रहे स्थानीय वाहन मालिकों को ऐसी शर्तों के दायरे में क्यों रखा जा रहा है, जिनसे उनके प्रतिस्पर्धा से बाहर होने की आशंका है। संगठन के अनुसार, छत्तीसगढ़ के स्थानीय व्यवसायियों को रोजगार से वंचित करने की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए और निविदा प्रक्रिया में सभी योग्य ठेकेदारों को उचित अवसर मिलना चाहिए।
बैंक ऋण में फंसे वाहन मालिकों की रोजी-रोटी का सवाल
संघ ने कहा कि स्थानीय ठेकेदारों ने विभागीय कार्यों के लिए बैंक ऋण लेकर वाहन खरीदे हैं। उन्हें हर महीने किस्त, बीमा, रखरखाव और चालकों के वेतन का खर्च उठाना पड़ता है। नियमित काम नहीं मिलने पर उनके सामने ऋण चुकाने और परिवार का भरण-पोषण करने का संकट खड़ा हो सकता है।
इसका असर केवल वाहन मालिकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि चालकों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े अन्य लोगों के रोजगार पर भी पड़ सकता है। संगठन ने इसे स्थानीय ठेकेदारों के परिवारों की आर्थिक सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।
नए टेंडरों को लेकर बढ़ी चिंता
संघ के अनुसार, ग्लोबल निविदा जारी होने के बाद स्थानीय ठेकेदारों में भविष्य के कार्यों और नए टेंडरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ी है। वाहन मालिकों को चिंता है कि यदि इसी प्रकार की कठिन पात्रता शर्तें जारी रहीं, तो वे अपने वाहनों को काम पर लगाने और बैंक ऋण की किस्तें चुकाने में कठिनाई का सामना कर सकते हैं।
पहले एक दिवसीय बंद, फिर अनिश्चितकालीन आंदोलन
संघ ने स्पष्ट किया है कि वह बातचीत और उचित समाधान के माध्यम से समस्या का निराकरण चाहता है। हालांकि, मांग पर ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में संगठन आंदोलन करने पर विचार करेगा।
• प्रथम चरण: निर्धारित तिथि को एक दिवसीय वाहन एवं TMC/FOC कार्य बंद कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
• द्वितीय चरण: मांग स्वीकार नहीं होने पर संगठन के निर्णयानुसार अनिश्चितकालीन वाहन एवं TMC/FOC कार्य बंद किया जा सकता है।
सक्षम अधिकारियों से तत्काल निर्णय की मांग
छत्तीसगढ़ पावर कंपनी वाहन मालिक कल्याण संघ ने CSPDCL प्रबंधन, राज्य सरकार और संबंधित अधिकारियों से निविदा क्रमांक 18/1867 की शर्तों की तत्काल समीक्षा कर उसे निरस्त करने की मांग की है। संगठन ने आग्रह किया है कि स्थानीय ठेकेदारों के हितों, रोजगार और आर्थिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द निर्णय लिया जाए।
संघ का कहना है कि प्रदेश के विकास में स्थानीय उद्यमियों और वाहन मालिकों का भी महत्वपूर्ण योगदान है। उनकी आजीविका प्रभावित होने की आशंका को गंभीरता से लेते हुए तत्काल ग्लोबल टेन्डर निरस्त कर ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए, जिसमें स्थानीय ठेकेदारों को भी निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा का अवसर मिले।