छत्तीसगढ़

CG – कागजों में हुआ शौचालय मरम्मत अतिरिक्त कक्ष निर्माण और जीर्णोद्वार के काम… जमीन पर नही मिला कोई निशान…! सरपंच- सचिव की भूमिका पर बड़े सवाल? पढ़े पूरी ख़बर

0 ग्रामीणों ने की प्रशासन से निष्पक्ष जांच एवं कड़ी कार्रवाई की मांग.

कोरबा//जिले के मुनगाडीह पंचायत सरपंच- सचिव का ऐसा भ्रष्ट्राचार सामने आया है, जिसने ग्राम के लोगों को चौंका दिया है। इस पंचायत में फर्जी बिलों के जरिये 15वें वित्त राशि का जमकर बंदरबांट किया गया है। साफ- सफाई और मरम्मत के कार्य कागजों पर कराए गए है तो नवनिर्माण के नाम पर भी राशि आहरण कर डकार लिया गया है। पेयजल स्रोतों पर कार्य दिखाकर तत्कालीन सरपंच कार्यकाल में स्थापित सबमर्सिबल पंप, सिन्टेक्स को वर्तमान कार्य बता राशि निकाल बंदरबांट कर लिया गया तो वहीं पाइप लाइन विस्तार के काम मे लागत से दो गुना राशि आहरण कर वारा- न्यारा किया गया है।

पाली जनपद पंचायत अंतर्गत महज 03 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम पंचायत मुनगाडीह स्थित है, जहां वर्तमान में श्रीमती प्रमिला कोराम सरपंच निर्वाचित है। इस पंचायत में पदस्थ रही सचिव नेहा आनंद जिसे 3- 4 माह पूर्व ग्राम पंचायत निरधी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, सरपंच के साथ मिलीभगत से 15वें वित्त की राशि मे जमकर हाथ साफ किया गया है। सरपंच- सचिव द्वारा शौचालय मरम्मत मिडिल स्कूल मुनगाडीह के नाम पर रिचार्ज बाउचर तिथि 17/10/2025 को 36 हजार 650 रुपए एवं इस कार्य के मजदूरी भुगतान पर 5 हजार 350 रुपए निकाले है। इसी प्रकार प्राथमिक शाला अतिरिक्त कक्ष जीर्णोद्वार के नाम पर रिचार्ज बाउचर 29/11/2025 की तिथि में 68 हजार और अतिरिक्त कक्ष निर्माण प्राथमिक शाला चारपारा हेतु 17 हजार आहरण की गई है। जियोटैग के अनुसार उक्त कार्यों के नाम पर कुल 1 लाख 27 हजार की राशि 15वें वित्त आयोग मद से निकाली गई है, जबकि मौके पर जाकर पड़ताल करने पर पाया गया कि मुनगाडीह मिडिल स्कूल परिसर में दो शौचालय वर्षों पूर्व निर्मित है और दोनों की हालत जर्जर है। वहीं पंचायत अंतर्गत तीन प्राथमिक शाला संचालित है व तीनो शालाओं में अतिरिक्त कक्ष आस्तित्व में ही नही है। चारपारा में निर्मित प्राथमिक शाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के नाम पर कोई निशान ही देखने को नही मिला। पंचायत में भ्रष्ट्राचार का यह मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है तथा उनका कहना है कि वर्तमान सरपंच कार्यकाल में पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में लगातार पारदर्शिता की कमी देखी जा रही है। कई पंचो का भी आरोप है कि सरपंच- सचिव ने बिना उनके जानकारी अनाप- शनाप राशि निकाल मनमानी की है। इस भ्रष्ट्राचार को लेकर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहा है, साथ ही शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवालिया निशान लग रहे है तथा यह भी दर्शाता है कि जमीनी स्तर पर निगरानी और जवाबदेही व्यवस्था कितनी लचर है। ग्रामीणों की प्रशासन से अपेक्षित मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तव में ग्रामीण जनता तक पहुँच सके। उनका यह भी कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की अनियमितताओं पर रोक नही लगाई गई तो भ्रष्ट्राचारियों को बल मिलेगा, जिससे आम जनता का भरोसा शासन- प्रशासन से टूटेगा। बहरहाल सरपंच- सचिव के और भी भ्रष्ट्राचारित मामले सामने आए है, जिसे अगले खबर में उजागर किया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button