नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण।

उदयपुर में ब्लूप्रिंट, प्रश्न निर्माण एवं शिक्षण शास्त्र पर 123 शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण

उदयपुर सीतेश सिरदार:–शिक्षा विभाग द्वारा शिक्षकों को नई शिक्षा नीति के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षण एवं संतुलित प्रश्नपत्र निर्माण के लिए 12 मई से 16 मई तक विशेष प्रशिक्षित किया गया। इसमें उदयपुर विकासखंड के बालक हायर सेकेंडरी स्कूल उदयपुर में आयोजित इस प्रशिक्षण में प्राथमिक एवं माध्यमिक स्तर के शिक्षकों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण में हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी व्याख्याताओं को मास्टर ट्रेनर के रूप में नियुक्त किया गया था। जिसमे व्याख्याता (हिंदी) विपिन बिहारी गहवई, व्याख्याता (संस्कृत) बुतुर राम पैकरा, व्याख्याता (अंग्रेजी) एलिसा एक्का, व्याख्याता (भूगोल) दिलीप कुमार सिंह तथा व्याख्याता (राजनीति शास्त्र/इतिहास) मेरी बहालेन द्वारा द्वारा ब्लॉक के 80 शिक्षकों को प्रशिक्षित कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनरों ने “ब्लूप्रिंट, प्रश्न निर्माण एवं शिक्षण शास्त्र” विषयों पर विशेष फोकस कर प्रशिक्षण दिया। इसमें ब्लूप्रिंट के अंतर्गत शिक्षकों को बताया गया कि प्रश्नपत्र तैयार करते समय किस अध्याय से कितने प्रश्न पूछे जाएंगे, कितने अंक के प्रश्न होंगे तथा आसान, मध्यम एवं कठिन प्रश्नों का संतुलित अनुपात किस प्रकार रखा जाएगा। इसका उद्देश्य प्रश्नपत्र को पाठ्यक्रम आधारित एवं संतुलित बनाना है।
इसके साथ ही प्रश्न निर्माण विषय में वस्तुनिष्ठ प्रश्न, लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न, विश्लेषणात्मक एवं कौशल आधारित प्रश्न तैयार करने की विधि समझाई गई। शिक्षकों को मॉडल प्रश्नपत्र निर्माण की जानकारी भी दी गई, जिससे बोर्ड परीक्षा एवं आंतरिक मूल्यांकन को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
शिक्षण शास्त्र के अंतर्गत बाल मनोविज्ञान, छात्र केंद्रित शिक्षण, गतिविधि आधारित शिक्षा, आईसीटी आधारित शिक्षण, समावेशी शिक्षा एवं कक्षा प्रबंधन जैसे विषयों पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि नए शिक्षा सत्र में 16 जून से सभी स्कूलों में दीप ,गुरु वंदना, राष्ट्रगीत,राष्ट्रगान ,शांतिपाठ का मंत्रोच्चार अनिवार्य रूप से कराया जाएगा। इससे विद्यार्थियों में अनुशासन एवं सांस्कृतिक मूल्यों का विकास होगा। विकासखंड स्तरीय ब्लूप्रिंट प्रशिक्षण विकासखंड शिक्षा अधिकारी रविकांत यादव के संरक्षण में सफलता से सम्पन्न हुआ।


