छत्तीसगढ़

CG – इस जिले की विधायक का फूटा गुस्सा, मंच से तहसीलदारों को सुनाई खरी-खोटी, कहा-एटीट्यूड छोड़िए वरना…..

बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर विकासखंड अंतर्गत मुरकौल में आयोजित समाधान शिविर के दौरान उस समय माहौल गर्म हो गया, जब क्षेत्रीय विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर खुलकर नाराजगी जाहिर की। बड़ी संख्या में पहुंचे राजस्व मामलों और ग्रामीणों की शिकायतों को सुनने के बाद विधायक ने मंच से ही पटवारियों और तहसीलदारों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ कहा कि अधिकारियों का रवैया जनता के प्रति संवेदनशील नहीं है और लोग महीनों तक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

समाधान शिविर में मौजूद अधिकारियों और ग्रामीणों के सामने विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि “पटवारी तो भगवान बन बैठे हैं।” उन्होंने कहा कि आम लोग जमीन सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा और नक्शा सुधार जैसे छोटे-छोटे कार्यों के लिए महीनों परेशान रहते हैं, लेकिन उनकी सुनवाई तक नहीं होती। कई मामलों में ग्रामीणों को समय पर जवाब भी नहीं मिल रहा है।

विधायक ने कहा कि गांवों में होने वाले अधिकांश विवादों की जड़ राजस्व विभाग की लापरवाही है। समय पर कार्रवाई नहीं होने से छोटे विवाद बड़े झगड़ों का रूप ले लेते हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के साथ व्यवहार सुधारना होगा और कामकाज में पारदर्शिता लानी होगी। यदि लगातार शिकायतें मिलती रहीं तो कार्रवाई भी की जाएगी।

तहसीलदारों को भी दी नसीहत

विधायक ने सिर्फ पटवारियों ही नहीं, बल्कि तहसीलदारों को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को अपना “एटीट्यूड” छोड़कर जनता के बीच काम करना चाहिए। लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए, न कि उन्हें बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ें।

उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो, लेकिन कई जगह अधिकारी इस उद्देश्य को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। ऐसे रवैये से जनता में नाराजगी बढ़ रही है।

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