CG – शिक्षकों को बड़ा झटका! हाई कोर्ट ने 75 प्रधान पाठकों की याचिका की खारिज, अग्रिम वेतनवृद्धि पर भी रोक……

बिलासपुर। 16 जून 1993 के बाद नियुक्त शिक्षकों को अपने खर्च पर बीएड, डीएलएड की योग्यता हासिल करने के बदले दो अग्रिम वेतनवृद्धि का लाभ नहीं मिलेगा। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट ने सारंगढ़, रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के 75 प्रधान पाठकों की याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस संजय के. अग्रवाल ने कहा कि इसी मुद्दे पर हाई कोर्ट के पूर्व निर्णय को बेंच और इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा है। ऐसे में पहले से तय कानूनी स्थिति के विपरीत नया दावा स्वीकार करने का कोई आधार नहीं है।
16 जून 1993 के बाद बदला था भर्ती नियम
याचिकाकर्ताओं ने 22 नवंबर 2019 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें दो अग्रिम वेतनवृद्धि का पात्र नहीं माना गया था। उनका तर्क था कि उन्होंने अपने खर्च पर बीएड, डीएलएड की डिग्री हासिल की है, इसलिए उन्हें इसके बदले दो अग्रिम वेतनवृद्धि मिलनी चाहिए।
राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारी ने कोर्ट को बताया, इसी विषय पर नीलम दुबे बनाम छत्तीसगढ़ शासन के मामले में पहले ही फैसला हो चुका है। हाई कोर्ट के सिंगल बेंच ने 25 अप्रैल 2024 को याचिका खारिज कर दी थी। इसके खिलाफ दायर रिट अपील भी 9 अगस्त 2024 को खारिज हो गई। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में दायर विशेष अनुमति याचिका भी 2 जुलाई 2025 को खारिज हो चुकी है।
पढ़िए हाई कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा है?
हाई कोर्ट ने पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए कहा, 16 जून 1993 को भर्ती नियमों में संशोधन के बाद शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए बीएड, डीएलएड, बीटीआई जैसी योग्यता अनिवार्य कर दी गई थी। इससे पहले ये योग्यताएं अनिवार्य नहीं थीं। इसी अंतर को देखते हुए शासन ने उन शिक्षकों को दो अग्रिम वेतनवृद्धि देने की नीति बनाई थी, जिन्होंने आवश्यक योग्यता अपने खर्च पर हासिल की थी।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 16 जून 1993 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए ये योग्यताएं नियुक्ति की आवश्यक शर्त बन चुकी थीं। इसलिए बाद में उसी अनिवार्य योग्यता को हासिल करने के आधार पर दो अग्रिम वेतनवृद्धि का दावा नहीं किया जा सकता।
फैक्ट फाइल
16 जून 1993 : शिक्षक पद पर नियुक्ति के लिए बीएड, डीएलएड, बीटीआई जैसी योग्यता अनिवार्य हुई।
6 फरवरी 2007 : आवश्यक योग्यता अपने खर्च पर हासिल करने वाले पात्र पुराने शिक्षकों के लिए दो अग्रिम वेतनवृद्धि की नीति।
25 अप्रैल 2024 : नीलम दुबे की याचिका हाई कोर्ट की एकल पीठ ने खारिज की।
9 अगस्त 2024 : हाई कोर्ट की खंडपीठ ने रिट अपील खारिज की।
2 जुलाई 2025 : सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी में हस्तक्षेप से इन्कार किया।
18 अगस्त 2026 : 75 प्रधान पाठकों की वर्तमान याचिका भी हाई कोर्ट ने खारिज कर दी।



