नगरी ब्लॉक के दिनकरपुर में शराबबंदी का बड़ा फैसला! अवैध शराब बनाने-बेचने पर ₹10 हजार जुर्माना, सूचना देने वाले को मिलेगा ₹5 हजार इनाम..!

धमतरी/नगरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत मुनाईकेरा के आश्रित ग्राम दिनकरपुर में ग्रामीणों ने अवैध शराब और नशाखोरी पर रोक लगाने के लिए सर्वसम्मति से बड़ा फैसला लिया है। गांव में कच्ची शराब बनाने और बेचने वालों पर 10 हजार रुपये का दंड लगाने तथा इसकी सूचना देने वाले को 5 हजार रुपये का इनाम देने का निर्णय लिया गया है।
ग्रामीणों ने यह महत्वपूर्ण निर्णय 18 अक्टूबर को शीतला प्रांगण में आयोजित बैठक के दौरान ग्रामसभा एवं सामाजिक व्यवस्था के तहत लिया। बैठक में गांव की शांति, सामाजिक सद्भाव, युवाओं के भविष्य और बिगड़ते सामाजिक माहौल को लेकर गंभीर चिंता जताई गई। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि गांव में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के साथ नशाखोरी से होने वाले सामाजिक व्यवधान को भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सार्वजनिक कार्यक्रमों में नशाखोरी पर भी कार्रवाई…
ग्रामीण व्यवस्था के तहत सार्वजनिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शराब पीकर पहुंचने तथा व्यवधान उत्पन्न करने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखना, सामाजिक अनुशासन को मजबूत करना और युवाओं को नशे की लत से दूर रखना है।
इससे पहले 15 अक्टूबर को ग्रामीणों ने दुगली थाना पहुंचकर गांव में शांति, सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी को लिखित आवेदन भी सौंपा था। ग्रामीणों की इस पहल को क्षेत्र के सामाजिक प्रमुखों ने सराहनीय और अनुकरणीय कदम बताया है।

इनकी मौजूदगी में लिया गया निर्णय…
बैठक में ग्रामीण प्रमुख दशरथ लाल नेताम, ग्रामसभा अध्यक्ष मुन्ना लाल नेताम, ग्राम गायता जगन सिंह मरकाम, ग्राम पंचायत मुनाईकेरा की सरपंच लकेश्वरी नेताम, कोटवार हितेश कुमार सूर्यवंशी, ग्राम पटेल धुरसाय मरकाम सहित पंचायत प्रतिनिधि पुनाराम मरकाम, गुप्तेश्वर नेताम, नरेन्द्र नेताम, रामप्रसाद नेताम, दुलेश्वरी नेताम, रजुला नेताम, पार्वती नेताम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे।
दिनकरपुर के ग्रामीणों का यह सामूहिक निर्णय नशामुक्त और व्यवस्थित गांव की दिशा में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहल माना जा रहा है। अब इस फैसले के प्रभावी क्रियान्वयन और गांव में शराबबंदी की व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पूरे ग्राम समुदाय की होगी।

