छत्तीसगढ़

CG – सावधान बस्तर! Maruti Showroom की लापरवाही से जान पर बन सकती है बात – 3 महीने से ग्राहक को घुमाया, ब्रेक में मिला ‘मौत का खतरा’!…

सावधान बस्तर! Maruti Showroom की लापरवाही से जान पर बन सकती है बात – 3 महीने से ग्राहक को घुमाया, ब्रेक में मिला ‘मौत का खतरा’!

जगदलपुर/बस्तर। अगर आप भी अपनी गाड़ी की सर्विसिंग के लिए Maruti Suzuki के अधिकृत (Authorized) शोरूम पर अंधा भरोसा करते हैं, तो ठहर जाइए! बस्तर से एक ऐसा चौंकाने वाला और बेहद खतरनाक मामला सामने आया है, जो आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

एक ग्राहक की Maruti Suzuki Ertiga (ZXi+) गाड़ी को जगदलपुर स्थित ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर ने कथित तौर पर ‘चलता-फिरता टाइम बम’ बनाकर सड़क पर उतार दिया। यह महज लापरवाही नहीं, बल्कि किसी बड़ी अनहोनी को खुला न्योता था।

3 महीने, 10 बार विजिट… फिर भी नतीजा ‘शून्य’!

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित ग्राहक अपनी चमचमाती अर्टिगा गाड़ी में लगातार टायर घिसने (Tyre Chattna) की समस्या को लेकर परेशान था। इसी शिकायत को दूर करने के लिए उसने मारुति के अधिकृत शोरूम का रुख किया।

लेकिन राहत मिलने के बजाय प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया :

चक्कर काटता रहा ग्राहक : समस्या के समाधान के लिए ग्राहक को पिछले 3 महीनों में करीब 10 बार शोरूम के चक्कर लगवाए गए।

बहानेबाजी का खेल : हर बार टेक्निकल टीम द्वारा समस्या सुलझाने के बजाय तरह-तरह के बहाने बनाए गए।

अंधाधुंध बदले पार्ट्स : अंत में ग्राहक को व्हील बियरिंग बदलने की सलाह दी गई, जिसके लिए पैसे भी ऐंठे गए। लेकिन बियरिंग बदलने के बाद भी समस्या जस की तस बनी रही।

बड़ा सवाल : क्या मारुति के इस अधिकृत सर्विस सेंटर में बिना सही डायग्नोसिस (जांच) के सिर्फ बिल बढ़ाने के लिए पार्ट्स बदले जा रहे हैं? क्या बस्तर के ग्राहकों की जेब पर सरेआम डाका डाला जा रहा है?

सबसे बड़ा खुलासा : ब्रेक सिस्टम में मिली ‘घातक लापरवाही’ इस पूरे मामले का सबसे डरावना पहलू तब सामने आया जब ग्राहक अपनी गाड़ी की डिलीवरी लेने पहुंचा। बिना किसी फाइनल क्वालिटी चेक और बिना टेस्ट ड्राइव के गाड़ी ग्राहक को सौंपने की तैयारी थी। लेकिन जब पहियों की बारीकी से जांच की गई, तो पैरों तले जमीन खिसक गई :

डिस्क से रगड़ रहा था बोल्ट : गाड़ी के फ्रंट ब्रेक कैलिपर का मुख्य बोल्ट सीधे डिस्क प्लेट से रगड़ रहा था।

ब्रेक फेल होने का था खतरा: तकनीकी जानकारों के मुताबिक, इस स्थिति में तेज रफ्तार में ब्रेक लगाने पर पहिया पूरी तरह लॉक हो सकता था या ब्रेक फेल हो सकता था।

हो सकता था बड़ा हादसा: यदि यह गाड़ी हाईवे पर 80 या 100 की रफ्तार में होती, तो पलक झपकते ही कोई बड़ा और जानलेवा हादसा हो सकता था।

📞 जिम्मेदार अधिकारी का गैर-जिम्मेदाराना रवैया :

जब इतनी बड़ी जानलेवा लापरवाही पर वर्कशॉप मैनेजर उस्मान शेख से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उनका रवैया बेहद निराशाजनक रहा।

घंटों तक उन्होंने ग्राहक का फोन रिसीव नहीं किया।

बाद में कॉल बैक करने पर अपनी गलती मानने या खेद जताने के बजाय, उन्होंने बेहद ठंडे लहजे में सिर्फ इतना कहा— “गाड़ी फिर से सर्विस सेंटर ले आओ।”

शिकायत निवारण के नाम पर सिर्फ टालमटोल की नीति अपनाई गई।

बस्तर की जनता से न्यूज पोर्टल की अपील :

यह मामला केवल एक गाड़ी का नहीं है। यह बस्तर के उन हजारों वाहन मालिकों की सुरक्षा से जुड़ा है जो कंपनियों के बड़े-बड़े विज्ञापनों और ‘ऑथराइज्ड सर्विस’ के दावों पर भरोसा करते हैं।
आंखें मूंदकर भरोसा न करें: सर्विस सेंटर से गाड़ी लेते वक्त खुद झुककर टायरों, ब्रेक और पहियों के पास की स्थिति को जरूर देखें।

टेस्ट ड्राइव के बिना चाबी न लें : गाड़ी रिसीव करने से पहले सर्विस एडवाइजर को साथ बैठाकर कम से कम 2-3 किलोमीटर खुद चलाकर चेक करें।

लापरवाही पर चुप न रहें : यदि आपके साथ भी ऐसी धोखाधड़ी या लापरवाही होती है, तो कंपनी के हेड ऑफिस (CRM) को तुरंत मेल करें और उपभोक्ता फोरम (Consumer Court) का दरवाजा खटखटाएं।

क्या बस्तर में मारुति शोरूम के पास क्वालिफाइड मैकेनिक्स की कमी है? या फिर लोगों की जान को बेहद सस्ता समझ लिया गया है? जवाब तो मारुति प्रबंधन को देना ही होगा।

आपकी क्या राय है? क्या आपके साथ भी किसी सर्विस सेंटर में ऐसी लापरवाही हुई है? कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें और बस्तर के हर गाड़ी मालिक तक इस सचेत करने वाली खबर को पहुंचाएं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button