छत्तीसगढ़

CG ब्रेकिंग : बिलासपुर सेंट्रल जेल में कैदी की हत्या, तिहरे हत्याकांड के दोषी ने सीमेंट स्लैब से कुचला सिर, अस्पताल में तोड़ा दम…..

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ बिलासपुर सेंट्रल जेल से बड़ी खबर सामने आई है। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी की हत्या हो गई है। आस-पास मौजूद कैदियों ने उसे बचाया और अस्पताल भेजा , लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। घटना के बाद जेल प्रशासन और पुलिस जांच में जुट गई है।

मृतक की पहचान नीलू जगत, निवासी दबनपुर, कोटा के रूप में हुई है। नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में वर्ष 2024 से जेल में बंद था। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हत्या का आरोप राजेश राय, निवासी चमारी, जिला मुंगेली पर है, जो बीते 17 वर्षों से तिहरे हत्याकांड के आरोप में जेल में बंद है।

कोटा क्षेत्र के दवनपुर में रहने वाला नीलू जगत पाक्सो एक्ट के मामले में 2024 से बंद था। उसे जेल के ई वन बैरक में रखा गया था। मंगलवार की सुबह करीब नौ बजे जेल के बंदी और कैदी बैरक में ही लूडो खेल रहे थे। पास में ही नीलू लेटा हुआ था। इसी दौरान जेल में तीहरे हत्या के मामले में सजा काट रहा कैदी राजेश राय वहां पर आया।

उसने हाथ में रखे पत्थर से नीलू के सिर पर कई बार वार किया। जब तक अन्य कैदी कुछ समझ पाते नीलू गंभीर रूप से घायल हो गया था। वहां मौजूद कैदियों ने किसी तरह बीच-बचाव करते हुए घटना की जानकारी जेल प्रबंधन को दी। जेल प्रबंधन ने आनन-फानन में घायल नीलू को सिम्स पहुंचाया। सिम्स में इलाज के दौरान नीलू की दोपहर 12 बजे मौत हो गई। घटना की सूचना सिविल लाइन पुलिस को दी गई है। साथ ही नीलू के स्वजन को इसकी जानकारी दे दी गई है।
जेल में चल रहा था दोनों का इलाज

जेल अधीक्षक खोमेश मंडावी ने बताया कि राजेश को 2011 से मानसिक समस्या थी। इसके कारण उसका इलाज चल रहा था। वहीं, नीलू को मिर्गी की समस्या थी। उसका भी जेल में ही इलाज चल रहा था। इसके कारण दोनों को एक ही बैरक में रखा गया था। इसके अलावा उसी बैरक में कुछ और बंदियों का भी इलाज चल रहा है। सबको जेल प्रबंधन और डाक्टरों की निगरानी में एक साथ दवा दी जाती थी। इसके कारण ऐसे बंदियों को एक ही बैरक में रखा गया था।

तीन पहले सजा माफी का आवेदन हुआ है खारिज

आरोपित राजेश राय और उसके पिता हरि राय हत्या के मामले सजा काट रहे हैं। राजेश के एक भाई को एक साल पहले सजा माफी मिली है। राजेश ने भी सजा माफी के लिए आवेदन किया था। राज्य सरकार की ओर से तीन दिन पहले ही उसके आवेदन को खारिज कर दिया गया। इसके बाद से वह मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा है। अब जेल प्रबंधन और पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश में है कि उसने जेल में नीलू को ही निशाना क्यों बनाया।

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