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CG – जर्ज़र सड़कों के लिए 2 नवंबर से भूख हड़ताल पर बैठे जिला पंचायत सदस्य दामोदर कांत नें एसडीएम के आश्वासन पऱ तोड़ा अनशन पर छोड़ गए कई सवाल पढ़े पूरी ख़बर

बिलासपुर//मस्तूरी क्षेत्र की कुछ जर्जर सडको को लेकर विगत 2 नवम्बर से जिला पंचायत सदस्य दामोदर कांत भूख हडताल पर बैठे थे। उनकी मांग थी कि तीन पहुंच मार्गो का निर्माण जल्द कराया जाए जिससे क्षेत्र के लोगो को हो रही भारी समस्या खत्म हो।

उनकी मांगें थी –

1. ग्राम लावर से गिधपुरी पहुंच मार्ग।
2. ग्राम केवतरा से चिल्हाटी पहुंच मार्ग।
3. ग्राम बकरकुदा से मटिया पहुंच मार्ग।

अनिश्चित कालीन हडताल पर बैठे दामोदर कांत को खुद मस्तूरी एसडीएम बजरंग वर्मा ने धरना स्थल पर पहुंच कर समझाया और विश्वास दिलाया कि उनकी मांग जल्द पूरी की जाएगी और सडको का निर्माण जल्द से जल्द कराया जाएगा। जिसके बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विरेंद्र शर्मा के हाथों जल ग्रहण कर कांत ने अनशन समाप्त किया।

अनशन समाप्त पर पीछे छोड गया कई गंभीर सवाल?

क्या मस्तूरी कांग्रेस में भी गुटबाजी भारी है क्यों कि इस अनशन में कई नेताओं के वीडियो और न्यूज आए जिसमें सबका विचार अलग अलग दिखा?

क्या जनहित के मुद्दे पर कोई जनप्रतिनिधि अपना सुख जल और भोजन त्याग कर बैठा है ऐसे में सभी को साथ नहीं आना चाहिए?

असल में इन मुद्दों को जिसको उठाना चाहिए वो तो सिर्फ मिडिया में फलाना कार्य कराया ढेकाना कार्य कराया कर के दिखाते रहते है पर जहाँ उनको जनता से जुडी बडी समस्याओं मुद्दों को लोगो के बीच उठाना चाहिए वहां से गायब रहते है?

क्या दामोदर कांत की जनता के बीच बढती लोकप्रियता भी इनके लिए एक चिंता का विषय बन चुका है?

अजीब बात ये है कि जो जनता क्षेत्र से आम लोगो को वोट देकर खास बना कर क्षेत्र की नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपती है वो इन मुद्दों से क्षेत्र की समस्या से लडने के बजाय दुरी बना लेते है क्यों?

क्या जनहित के मुद्दों पर क्षेत्र के सभी जनप्रतिनिधियों को एक साथ नहीं आना चाहिए आखिर गुटबाजी से किसको होगा फायदा?

क्या मस्तूरी कांग्रेस पार्टी में अब परिवर्तन का समय आ गया है और क्षेत्र की जनता की पहली पसंद दामोदर कांत हो गए है?

बतातें चलें की दामोदर कांत नें ज़ब से राजनीति शुरू की है तब से अब तों वो कांग्रेस पार्टी के एक साधारण कार्यकर्ता रहें है जिनकी लोकप्रियता अब लोंगो के बीच बहुत तेजी से बढ़ी है पहले जनपद में सभापति बने फिर बिलासपुर जिला में जिला पंचायत सदस्य। अब क्षेत्र की जनहित की मुद्दों को बढ़ चढ़ कर उठा रहें है जिससे लोंगो में उनका क्रेज भी भारी तेजी से बढ़ रहा है।

मालूम हो कि अनशन के दौरान जिला पंचायत सदस्य दामोदर कांत को गांव वालों का भरपूर समर्थन मिल रहा था और क्षेत्र से रोजाना लोग उनके अंश वाले स्थान पर पहुंचकर उनका सपोर्ट कर रहे थे उन्होंने अनशन तोड़ने के बाद सभी लोगों को सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित भी किया है।

फिलहाल सडको के निर्माण का आश्वासन तो मिल गया है लेकिन अब क्षेत्र की जनता की नजर इस बात पर टिकी है कि यह आश्वासन कब जमीन पर उतरता है।

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