CG – कुटेशर नगोई में भ्रष्ट्राचार का डबल धमाका : नाली-बाउंड्रीवाल की राशि डकारने के बाद मनरेगा के 1.75 लाख का पचरी भी गायब कार्रवाई के अभाव में सरपंच-सचिव के हौसले को लगे पंख पढ़े पूरी ख़बर
कोरबा//ग्राम पंचायत कुटेशर नगोई में हुए भ्रष्ट्राचार परत दर परत खुलकर सामने आने लगा है। पहले 2 लाख की नाली, 3.75 लाख की बाउंड्रीवाल और 1 लाख से अधिक के स्कूल में टाइल्स की राशि मे गड़बड़झाला सामने आया था, अब मनरेगा से स्वीकृत 1.75 लाख के पचरी की राशि डकार ली गई।
हवा वाली पचरी का यह घोटाला पंचायत के मरकाम तालाब में हुआ है। ग्रामीणों के मुताबित जहां मनरेगा योजना के तहत गत वर्ष 1.75 लाख रुपए की लागत से पचरी निर्माण स्वीकृत हुआ था। लेकिन हकीकत यह है कि उक्त तालाब में पचरी निर्माण के नाम पर एक ईंट तक नही लगी और पूरी राशि सरपंच नंदकिशोर ओड़े व सचिव जयरतन कंवर मिलकर खा गए। ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन सरपंच पत्नी अनिता ओड़े के समय शुरू हुआ खेल पति नंदकिशोर ओड़े के समय और तेज हो गया है।
सचिव साथ मे है, इसलिए कोई रोक- टोक नही, इससे कुटेशर नगोई में कोई भी योजना भ्रष्ट्राचार से अछूता नही रहा तथा गांव का विकास गया भाड़ में। बता दें कि इस पंचायत के बस्ती में नाली निर्माण के लिए 2 लाख की राशि निकाली गई, लेकिन काम 6 माह से गायब है। प्राथमिक शाला बाउंड्रीवाल का काम एक साल से आधा- अधूरा पड़ा है जबकि 3.75 लाख आहरण हो चुका है। स्कूल फर्श में टाइल्स लगाने की 1 लाख से अधिक की राशि गायब है।
जिस मामले को लेकर”कुटेशर नगोई में भ्रष्ट्राचार का खेल : कागजों पर बना 2 लाख का नाली, हवा में लटका 3.75 लाख का बाउंड्रीवाल, टाइल्स की राशि भी हजम”* शीर्षक के साथ खबर प्रसारित किया गया। इससे हर योजना में सेंध व हर फंड में सेंधमारी करने वाले सरपंच- सचिव के प्रति ग्रामीणों में गुस्सा फूट पड़ा और उनका कहना है कि पंचायत को शासन से जारी राशि गांव का विकास करने के लिए है। लेकिन कुटेशर नगोई में उक्त राशि सरपंच- सचिव की तिजोरी भरने का जरिया बन गया है। ग्रामीणों ने पंचायत भ्रष्ट्राचारियों को सबक सिखाने की ठान ली है। बहरहाल सरपंच- सचिव के सांठगांठ से हुए अन्य भ्रष्ट्र कारनामे को अगले खबर में प्रसारित किया जाएगा।




