छत्तीसगढ़

CG – पूर्व हॉस्टल अधीक्षक का पीएम श्री आश्रम शाला आवास में परिवार सहित कब्जा उची पहुंच का दिखा रहा धौंस आदिवासी विकास विभाग नतमस्तक पढ़े पूरी ख़बर

0 नियमों की अवहेलना से छात्रों की सुरक्षा व हॉस्टल प्रबंधन हो रहा प्रभावित।

कोरबा//पूर्व हॉस्टल अधीक्षक (मूल पद प्रधान पाठक) द्वारा अपने स्थानांतरण के महीनों बाद भी पीएम श्री आश्रम शाला परिसर के शासकीय आवास पर परिवार सहित अवैध कब्जा कर निवासरत रहने का मामला सामने आया है, जो शासन नियमो का खुला उल्लंघन है तथा जिससे छात्रों की सुरक्षा और छात्रवास प्रबंधन प्रभावित हो रहा है। मामले पर संबंधित अधिकारियों द्वारा किसी तरह का संज्ञान नही लिया गया है, तो वहीं पूर्व आश्रम अधीक्षक “मेरा कोई कुछ नही कर सकता, सभी अधिकारी मेरे जान पहचान के है” का दंम्भ भर रहा है।

पोड़ी उपरोड़ा विकासखण्ड अंतर्गत अमलीकुंडा संकुल के मेरई में संचालित पीएम श्री आश्रम शाला में बतौर अधीक्षक कार्यरत रहे प्रधान पाठक मनीराम कहरा स्थानांतरण के महीनों बाद भी शाला परिसर का शासकीय आवास खाली नही कर रहे है तथा कब्जा कर परिवार सहित निवासरत है। जबकि यहां अधीक्षक के रूप में किशोर कंवर की नियुक्ति माह अगस्त 2025 में हो चुकी है, बावजूद इसके प्रधान पाठक (पूर्व छात्रवास अधीक्षक) मनीराम कहरा द्वारा आश्रम वर्तमान अधीक्षक को नही सौंपा गया है। जिससे न केवल हॉस्टल व्यव्यस्था में बाधा आ रही है, बल्कि छात्रों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है, जो गंभीर लापरवाही के साथ नियम विरुद्ध भी है।

जबकि आदिवासी विकास विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार किसी भी परिस्थिति में बाहरी या पूर्व कर्मियों को छात्रवास परिसर में रहने की अनुमति नही है, यदि पूर्व कर्मचारी आवास खाली नही कर रहे है तो दंडात्मक कार्रवाई और किराया वसूली का प्रावधान है। वही आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विभाग आयुक्त द्वारा प्रदेश के सभी विभागीय सहायक आयुक्तों को पत्र लिखकर आश्रम- छात्रावासों का भ्रमण कर विशेष अभियान चलाने तथा अनाधिकृत रूप से रह रहे व्यक्तियों को निष्कासित करने एवं आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय प्रशासन व पुलिस की सहायता लेने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए है।

कोरबा सहायक आयुक्तों को भी निर्देशित पत्र में कहा गया है कि जिले में संचालित समस्त छात्रावास- आश्रमों का निरीक्षण कर अनाधिकृत रूप से निवास कर रहे छात्र- छात्राओं के साथ अधिकारी- कर्मचारी को तत्काल निष्कासित कर पालन प्रतिवेदन तैयार करें और उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। भविष्य में अनाधिकृत रूप से रह रहे व्यक्तियों का आश्रम/छात्रावास में पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। लेकिन पूर्व हॉस्टल अधीक्षक मनीराम कहरा शासन- प्रशासन के सारे नियम- कानून को ठेंगा दिखा रहे है।

और बलात शासकीय आवास पर परिवार सहित कब्जा जमा रखे है। शायद सहायक आयुक्त भी इनके दबदबा के सामने नतमस्तक है, क्योंकि प्रधान पाठक मनीराम कहरा यह कहकर दंम्भ भरते है कि मुझे सरकारी आवास से कोई नही निकाल सकता और मेरा कोई कुछ नही कर सकता, सभी अधिकारी मेरे जान पहचान के हैं। ऐसे में न केवल शासन आदेश की अवहेलना हो रही है, बल्कि पूर्व अधीक्षक के हौसले को भी बढ़ावा मिल रहा है। जिससे नए अधीक्षक को कार्यभार संभालने और रहने में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है तो वहीं छात्रावास व्यव्यस्था और छात्रों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।

Related Articles

Back to top button