CG High Court ब्रेकिंग : हाईकोर्ट ने पुलिस आरक्षक पदोन्नति पर लगाई रोक, राज्य सरकार से मांगा जवाब……

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में आरक्षक पदोन्नति प्रक्रिया पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। पदोन्नति प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और वरीयता निर्धारण में खामियों को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने फिलहाल पदोन्नति प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया गया है। इस फैसले के बाद पुलिस विभाग में पदोन्नति की प्रक्रिया पर अस्थायी रूप से विराम लग गया है।
जानकारी के अनुसार, कोरबा जिले में पदस्थ कुछ आरक्षकों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पदोन्नति प्रक्रिया को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि विभाग द्वारा अपनाई जा रही प्रक्रिया में कई गंभीर खामियां हैं, जिससे सीधे भर्ती होकर सेवा में आए जवानों के हित प्रभावित हो रहे हैं। याचिका में विशेष रूप से अनुरोध पर दूसरे जिलों से ट्रांसफर होकर आए आरक्षकों को पदोन्नति में प्राथमिकता दिए जाने का विरोध किया गया है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जिन जवानों की सीधी भर्ती संबंधित जिले में हुई है और जो लंबे समय से उसी जिले में सेवा दे रहे हैं, उन्हें वरीयता मिलनी चाहिए। जबकि वर्तमान प्रक्रिया में अन्य जिलों से स्थानांतरण लेकर आए कर्मचारियों को भी समान या अधिक प्राथमिकता दिए जाने से मूल आरक्षकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रथम दृष्टया पदोन्नति प्रक्रिया में कुछ कमियां पाए जाने पर गंभीर टिप्पणी की। कोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाए गए बिंदुओं पर विस्तृत परीक्षण आवश्यक है। इसी को देखते हुए न्यायालय ने फिलहाल पदोन्नति प्रक्रिया पर स्टे लगा दिया है, ताकि अंतिम निर्णय आने तक किसी प्रकार की प्रशासनिक जटिलता उत्पन्न न हो।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित विभाग को नोटिस जारी कर मामले में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पूछा है कि पदोन्नति के लिए निर्धारित प्रक्रिया और वरीयता सूची किस आधार पर तैयार की गई तथा इसमें स्थानांतरण लेकर आए कर्मचारियों को किस नियम के तहत प्राथमिकता दी गई।



