CG High Court ब्रेकिंग : स्कूलों में मंत्रोच्चार के खिलाफ याचिका खारिज, छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा – आदेश लागू होने का कोई ठोस सबूत नहीं……

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा स्कूलों में मंत्रोच्चार कराए जाने के आदेश के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया है। इस फैसले के साथ ही छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलमान रिज़वी को बड़ा झटका लगा है।
हाईकोर्ट ने फिलहाल शासन के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा कि आदेश के पूर्ण रूप से लागू होने में अभी समय है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आदेश के क्रियान्वयन के बाद किसी के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है या कोई ठोस कारण सामने आता है, तो याचिकाकर्ता दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
पूर्व वक्फ बोर्ड अध्यक्ष अब्दुल सलमान रिज़वी ने याचिका दायर कर स्कूलों में मंत्रोच्चार संबंधी राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका में दावा किया गया था कि यह आदेश भारतीय संविधान के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन करता है।याचिकाकर्ता की ओर से संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 21 (जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार), अनुच्छेद 25 (धर्म की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 28 (शैक्षणिक संस्थानों में धार्मिक शिक्षा से संबंधित प्रावधान) का हवाला देते हुए आदेश को निरस्त करने की मांग की गई थी।
सुनवाई के दौरान तहफ़्फ़ुज़-ए-नमूस-ए-रिसालत एक्शन ट्रस्ट (TNRTA) के उपाध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता आमिर खान ने याचिकाकर्ता की ओर से पक्ष रखा। उन्होंने अदालत से कहा कि सरकारी शैक्षणिक संस्थानों में किसी धार्मिक गतिविधि को अनिवार्य नहीं बनाया जा सकता और यह संविधान की मूल भावना के विपरीत है।
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि फिलहाल आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन में समय है। ऐसे में इस स्तर पर हस्तक्षेप उचित नहीं है। हालांकि अदालत ने यह स्वतंत्रता दी कि यदि भविष्य में आदेश के लागू होने के बाद किसी प्रकार का संवैधानिक या कानूनी विवाद उत्पन्न होता है, तो याचिकाकर्ता नई याचिका दायर कर सकते हैं।हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल राज्य सरकार का स्कूलों में मंत्रोच्चार संबंधी आदेश प्रभावी रहेगा।



