CG – मस्तूरी सरपंच की हार अविश्वास प्रस्ताव पर सुनीता सारथी और समर्थक पंच रहे अनुपस्थित 17-0 से पारित हुआ प्रस्ताव पढ़े पूरी ख़बर
मस्तूरी//ग्राम पंचायत मस्तूरी में सोमवार 27 जुलाई कों अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। इस दौरान सरपंच सुनीता सारथी और उनके समर्थन में खड़े पंच मतदान में उपस्थित नहीं हुए।
वोटिंग के दौरान कुल 17 वोट विपक्ष में पड़े और पक्ष में 0 वोट। इस तरह भारी बहुमत से अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया और सरपंच सुनीता सारथी को पद से हटना पड़ा।
पंचों की नाराजगी बनी वजह…
पंचों का आरोप था कि पंचायत के अधिकांश पंचों को कामों में नहीं पूछा जाता था और सिर्फ कुछ चुनिंदा पंचों के साथ मिलकर पंचायत चलाई जा रही थी। इसी वजह से कुछ हफ्ते पहले अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था।
अनुपस्थिति पर क्या कहता है नियम…
अविश्वास प्रस्ताव की बैठक या वोटिंग में सरपंच के उपस्थित न होने और बहुमत से प्रस्ताव पारित (हार) हो जाने पर सरपंच को अपना पद छोड़ना पड़ता है, नयी शक्तियां उप-सरपंच को मिल जाती हैं, और नया चुनाव कराया जाता है।
पद और अधिकारों का जानापद से हटाए जाना यदि निर्धारित नियम के अनुसार पंच अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में आवश्यक बहुमत जैसे दो-तिहाई या तीन-चौथाई, राज्य के पंचायत अधिनियम के अनुसार से वोट कर देते हैं, तो सरपंच को तुरंत अपने पद से हटा हुआ मान लिया जाता है।
शक्तियों का ट्रांसफर सरपंच के हारने के बाद वह पंचायत के किसी भी वित्तीय या प्रशासनिक कार्य का उपयोग नहीं कर सकता है। उसके सारे अधिकार और कर्तव्य अस्थायी रूप से उप-सरपंच या नामित अधिकारी को सौंप दिए जाते हैं।




