छत्तीसगढ़

CG News : छत्तीसगढ़ के इस जेल में मिले दो मोबाइल,00 जवानों के साथ कलेक्टर की छापेमारी, मचा हड़कंप……

दुर्ग। केंद्रीय जेल दुर्ग में जिला और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई की। कलेक्टर अभिजीत सिंह के नेतृत्व में करीब 100 पुलिस जवानों और अधिकारियों की टीम जेल पहुंची। अचानक हुई कार्रवाई से जेल परिसर में हलचल मच गई। टीम ने जेल की सभी बैरकों की सघन तलाशी ली। जांच के दौरान दो मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, बीड़ी, चिलम और अन्य आपत्तिजनक सामान मिले।

कलेक्टर अभिजीत सिंह ने बताया कि केंद्रीय जेल का सुबह निरीक्षण किया गया। बड़ी संख्या में पुलिस जवानों को भी जांच में शामिल किया गया था। सभी बैरकों की तलाशी ली गई, जिसमें दो मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, बीड़ी और चिलम जैसी सामग्री मिली है। सभी सामान का पंचनामा बनाकर पदमनाभपुर थाने को सौंप दिया गया है। कलेक्टर ने कहा कि बरामद मोबाइल फोन की आगे जांच की जाएगी। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि इन मोबाइल से किन-किन नंबरों पर बात की जाती थी। इनमें कौन सा सिम कार्ड लगा था और सिम किसके नाम पर जारी हुआ था। इन सभी बिंदुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

औचक निरीक्षण के लिए जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई थी। करीब 100 जवान और अधिकारी तड़के केंद्रीय जेल पहुंचे। इसके बाद जेल परिसर को घेरे में लेकर जांच शुरू की गई। टीम ने एक साथ अलग-अलग हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया। सभी बैरकों की जांच की गई। इसके अलावा उन जगहों को भी देखा गया, जहां प्रतिबंधित सामान छिपाए जाने की आशंका थी।

बता दें, जेल में बंदियों के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल प्रतिबंधित है। इसके बावजूद दो मोबाइल और एक सिम कार्ड मिलने के बाद अब यह पता लगाया जाएगा कि मोबाइल जेल के अंदर कैसे पहुंचा। सिम कार्ड किसके नाम पर है और मोबाइल से किन लोगों से संपर्क किया गया, इसकी जानकारी जांच के बाद सामने आएगी।

औचक निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने जेल प्रशासन को सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाहर से कोई भी प्रतिबंधित सामग्री जेल के अंदर नहीं पहुंचनी चाहिए। इसके लिए जांच व्यवस्था को मजबूत रखने और सुरक्षा में किसी तरह की लापरवाही नहीं होने देने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच तलाशी में मिले सभी सामान की सूची तैयार कर पंचनामा बनाया गया है। इसे पदमनाभपुर थाने को सौंप दिया गया है। अब मोबाइल फोन और सिम कार्ड की जांच के जरिए संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अब जांच का फोकस दो मोबाइल और एक सिम कार्ड पर है। इनके इस्तेमाल, सिम के मालिक और मोबाइल से हुई बातचीत की जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि जेल के अंदर इनका इस्तेमाल कौन कर रहा था और ये वहां तक कैसे पहुंचे।

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