CG- साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, पुलिस ने 3,162 म्यूल खातों की पहचान, 257 आरोपी गिरफ्तार…..

दुर्ग। साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने जिले में साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े कुल 3,162 म्यूल बैंक खातों की पहचान की है। इनमें से 63 FIR में 1,668 खातों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। इन प्रकरणों में अब तक 257 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।
पुलिस के अनुसार, विभिन्न साइबर ठगी एवं ऑनलाइन सट्टा प्रकरणों से संबंधित कुल 2,75,50,091 रुपये की डिस्प्यूट राशि पर होल्ड (Freeze) लगाकर धनराशि के आगे हस्तांतरण और निकासी को रोकने की कार्रवाई की गई है।
दुर्ग पुलिस द्वारा 578 म्यूल बैंक खातों के संबंध में सत्यापन और इस्तगासा की कार्रवाई की गई है। संबंधित खाताधारकों और बैंकिंग जानकारी का परीक्षण किया जा रहा है। वहीं 916 म्यूल बैंक खाते वर्तमान में लंबित हैं। इन खातों से संबंधित तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण के आधार पर आगामी वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े मामलों में अपराधियों द्वारा अवैध धनराशि के लेन-देन और हस्तांतरण के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे खातों की पहचान के लिए प्राप्त शिकायतों, बैंकिंग लेन-देन, KYC दस्तावेज, UPI ट्रांजेक्शन और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का लगातार विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े लोगों द्वारा कमीशन, आसान कमाई अथवा अन्य आर्थिक प्रलोभन देकर लोगों के बैंक खाते हासिल किए जाते हैं। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी और अन्य अवैध गतिविधियों से प्राप्त धनराशि को जमा करने तथा विभिन्न बैंक खातों एवं डिजिटल माध्यमों के जरिए ट्रांसफर करने में किया जाता है।
कुछ मामलों में खाताधारक अपना बैंक खाता दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध कराते हैं, जबकि कुछ मामलों में बैंकिंग लेन-देन का संचालन अन्य लोगों द्वारा किया जाता है। पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड, KYC दस्तावेज, UPI ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर धनराशि के प्रवाह तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है।
प्रकरणवार कार्रवाई के दौरान बैंक खातों से संबंधित अभिलेख, ATM कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल फोन, SIM कार्ड, KYC दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्य नियमानुसार जब्त किए गए हैं।
दुर्ग पुलिस के अनुसार, म्यूल खातों की पहचान से लेकर बैंकिंग ट्रांजेक्शन के विश्लेषण, धनराशि के प्रवाह की जांच और संबंधित व्यक्तियों की पहचान तक कार्रवाई चरणबद्ध तरीके से की जा रही है।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि कमीशन अथवा आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। अपना ATM कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल SIM, OTP, UPI या इंटरनेट बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें।
किसी व्यक्ति द्वारा बैंक खाता उपलब्ध कराने या कमीशन के बदले बैंकिंग लेन-देन करने का प्रस्ताव दिए जाने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या नजदीकी पुलिस थाने को सूचना देने की अपील की गई है।


