CG – राजस्व पटवारियों का सरकार को अल्टीमेटम 15 दिन में मांगें पूरी करने को कहा अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी जानें आंदोलन से जुड़ी सभी मांगे पढ़े पुरी ख़बर
बिलासपुर//छत्तीसगढ़ राजस्व पटवारी संघ के आह्वान पर सोमवार को बिलासपुर में जिला इकाई के पटवारियों ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन कर अपनी लंबित मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की. प्रदर्शन के बाद मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन के नाम जिला प्रशासन के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया. पटवारियों ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे, जिसका सीधा असर राजस्व कार्यों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों पर पड़ेगा.
पदोन्नति को लेकर समय सीमा तय करने की मांग…
पटवारी संघ की प्रमुख मांग पदोन्नति व्यवस्था में सुधार को लेकर है. संघ का कहना है कि वर्तमान में पटवारियों की पदोन्नति के लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं है.इसके कारण कई कर्मचारी पूरी सेवा अवधि पटवारी पद पर ही कार्य करते हुए सेवानिवृत्त हो जाते हैं. इससे कर्मचारियों का मनोबल गिरता है और कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है.संघ ने मांग की है कि पटवारियों की पदोन्नति के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित की जाए.
राजस्व निरीक्षक की सीधी भर्ती बंद करने की मांग…
इसके अलावा राजस्व निरीक्षक (आरआई) के पदों पर सीधी भर्ती पूरी तरह बंद की जाए. सभी रिक्त पद केवल पटवारियों की पदोन्नति से भरे जाएं. संघ ने पदोन्नति का नया प्रारूप भी प्रस्तावित किया है, जिसके तहत 50 प्रतिशत पद वरिष्ठता के आधार पर और 50 प्रतिशत पद विभागीय परीक्षा के आधार पर भरे जाएं. साथ ही वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को तत्काल शुरू करने की मांग भी की गई है.
वेतन विसंगति को लेकर भी पटवारी परेशान…
पटवारियों के मुताबिक धरने के दौरान वेतन विसंगति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के अलग-अलग भर्ती बैचों के पटवारियों के वेतन निर्धारण में गंभीर असमानता है. उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 बैच के पटवारियों में 1 जुलाई 2025 की स्थिति के अनुसार ग्रेड पे 2200 रुपये से 2400 रुपये होने पर मूल वेतन 36200 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि ग्रेड पे 2200 रुपए से बढ़कर 2800 रुपए होने के बावजूद कुछ मामलों में मूल वेतन केवल 35300 रुपए तय किया गया है.
यह वेतन संरचना के मूल सिद्धांतों के विपरीत है, क्योंकि ग्रेड पे बढ़ने पर मूल वेतन कम नहीं होना चाहिए. उनके अनुसार ऐसे मामलों में मूल वेतन कम से कम 36,400 रुपए होना चाहिए था. यह समस्या केवल एक बैच तक सीमित नहीं है, बल्कि अलग-अलग भर्ती बैचों में भी इसी प्रकार की वेतन विसंगतियां देखने को मिल रही हैं. इससे कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. साथ ही कोष एवं लेखा सत्यापन में कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं, अनावश्यक रिकवरी की आशंका बनी रहती है. भविष्य में वेतन वृद्धि, पदोन्नति, पेंशन और अन्य सेवा लाभ भी प्रभावित हो रहे हैं-सतीश सिंह, सदस्य, पटवारी संघ
संघ ने सरकार से मांग की है कि वेतन विसंगतियों की उच्चस्तरीय जांच कर जल्द से जल्द न्यायोचित समाधान किया जाए, ताकि प्रदेश के सभी पटवारियों को आर्थिक और सेवा संबंधी न्याय मिल सके. धरना-प्रदर्शन के दौरान पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वे फिलहाल शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचा रहे हैं. लेकिन यदि 15 दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कोई ठोस पहल नहीं होती, तो पूरे प्रदेश के पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे.
मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, भू-अभिलेख संबंधी कार्य, किसानों से जुड़े राजस्व प्रकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित कई प्रशासनिक गतिविधियां प्रभावित होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी- सविता कुंजान,पटवारी
आंदोलन को व्यापक रुप देने की चेतावनी…
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में मौजूद पटवारियों ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर ज्ञापन, धरना और लोकतांत्रिक माध्यमों से सरकार का ध्यान आकर्षित करते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया. इससे कर्मचारियों में व्यापक असंतोष व्याप्त है. संघ का कहना है कि सरकार यदि समय रहते उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा.पटवारी संघ ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लेगी.




