छत्तीसगढ़

CG – बारिश में धंसी पाली-सिल्ली मार्ग की एप्रोच रोड बह गई पूरी मिट्टी खोखली हो चुकी सड़क बड़ी घटना कों दे रही बुलावा ठेकेदार-अधिकारी सालों से ताक रहें एक दूसरे काम मुंह पढ़े पुरी ख़बर

0 ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों की चेतावनी- यदि बरसात पूर्व नही हुई मरम्मत तो आंदोलन के लिए होंगे मजबूर.

कोरबा//55.096 करोड़ की भारी- भरकम लागत से बने पाली- सिल्ली 21.481 किमी. मुख्यमार्ग पर ग्राम पोड़ी के समीप पुलिया की एप्रोच रोड का एक हिस्सा पिछले साल की भारी बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया। लेकिन संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी ठेकेदार ने आज पर्यन्त सुधार की सुध नही ली। बरसात फिर सिर पर है और मुख्यमार्ग का यह धंसा हिस्सा हादसों को खुला न्योता दे रहा है। इस बरसात स्थिति और भी भयावह हो सकती है।

लोक निर्माण विभाग द्वारा इस मार्ग के पुर्ननिर्माण और उन्नयन कार्य के लिए गत 15 जून 2020 को कार्यदेश जारी किया गया था। कार्य अवधि 20 माह तय थी और निर्माण का जिम्मा मेसर्स के एल ए- वी के जे (जेवी) को सौंपा गया था, लेकिन कोरोना त्रासदी की वजह से निर्माण नियत अवधि से 2 साल विलंब पूर्ण हुआ। खैर “देर आए- दुरुस्त आए” की तर्ज पर इस मुख्यमार्ग का कायाकल्प तो हुआ और करोड़ो खर्च के बाद लोगों को उम्मीद थी कि अब वर्षों तक सड़क की चिंता नही रहेगी। लेकिन इस निर्माण के बाद गत भारी बारिश में ग्राम पोड़ी के पास मुख्यमार्ग पर पुलिया किनारे का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है। एप्रोच रोड के धंसने और क्रैश बेरियर टूटकर लटकने से यह हिस्सा किसी बड़े सड़क हादसे को खुला न्योता दे रहा है।

क्योंकि जहां सड़क का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है, वहां नीचे नाला बह रहा है और ऊपर से रोजाना सैकड़ो हल्के, भारी- भरकम वाहन गुजर रहे है। नियमानुसार सड़क निर्माण के बाद 5 साल तक मेंटेनेंस की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है, क्षतिग्रस्त हिस्से को तुरंत सुधारना उसी की जिम्मेदारी है। निर्माण कार्य 2020 में प्रारंभ हुआ लेकिन कोविड- 19 महामारी के कारण काम 2 साल विलंब से पूरा हुआ, इस हिसाब से मरम्मत की जिम्मेदारी भी ठेकेदार की होती है। किन्तु एक साल बीतने को है, बावजूद इसके न तो निर्माण एजेंसी ठेकेदार और न ही संबंधित अधिकारियों ने इस ओर ध्यान दिया। ग्रामीणों के मुताबित विभागीय अधिकारियों को कई बार मौखिक- लिखित सूचना देने और सुशासन तिहार में फरियाद लगाने के बाद भी नतीजा सिफर रहा।

मानसून अब कुछ ही दिनों में दस्तक देने वाला है। यदि धंसी हुई सड़क की मरम्मत नही हुई तो इस बरसात में स्थिति और भयावह हो सकती है। पहले ही किनारे से टूटकर धंसी सड़क पर पानी भरने से गड्ढे का अंदाजा नही लगेगा और दिन- रात बड़े हादसे की आशंका बनी रहेगी तथा स्कूली बसों, एंबुलेंस और यात्री वाहनों का इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा साबित होगा। क्षेत्र के ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि जनता की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है, हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन होगा? मेंटनेंस अवधि में सुधार न करने वाले ठेकेदार द्वारा अबतक निष्क्रिय रवैया अपनाया गया है तो विभागीय अधिकारी- इंजीनियर भी क्षतिग्रस्त साइट का निरीक्षण करने नही पहुँचे है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की मरम्मत नही हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। जिसकी सारी जवाबदारी संबंधितों की होगी।

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