CG:दिव्यांगों के सपनों को मिली नई उड़ान : समाज कल्याण विभाग की ऋण योजना बनी आत्मनिर्भरता का सशक्त आधार… समय पर ऋण अदायगी कर मिसाल बने दिव्यांग हितग्राहियों का कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं एवं निगम अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने किया सम्मान
बेमेतरा कलेक्ट्रेट


संजू जैन जिला संवाददाता बेमेतरा
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बेमेतरा:हौसला बुलंद हो और कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो तो शारीरिक चुनौतियां भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। इसका प्रेरणादायी उदाहरण जिले के वे दिव्यांग हितग्राही हैं, जिन्होंने समाज कल्याण विभाग एवं छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की स्वरोजगार ऋण योजना का लाभ लेकर न केवल अपना व्यवसाय स्थापित किया, बल्कि समय पर ऋण की संपूर्ण अदायगी कर आत्मनिर्भरता, ईमानदारी और जिम्मेदारी की मिसाल भी कायम की।
इसी क्रम में आज कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं एवं छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावड़िया, जिला पंचायत सीईओ प्रेमलता पद्माकर ने पूर्ण ऋण अदायगी करने वाले दिव्यांग हितग्राहियों का शॉल एवं प्रशस्ति देकर सम्मान किया। इस अवसर पर दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की योजनाओं की समीक्षा, स्वरोजगार गतिविधियों के विस्तार तथा अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजनों को ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत चर्चा भी की गई।कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं ने कहा कि शासन का उद्देश्य दिव्यांगजनों को केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाकर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि समय पर ऋण चुकाने वाले हितग्राही अन्य दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणा हैं और उनकी सफलता शासन की योजनाओं की प्रभावशीलता का प्रमाण है।निगम अध्यक्ष लोकेश कावड़िया ने कहा कि समय पर ऋण अदायगी करने वाले हितग्राही शासन की योजनाओं के सच्चे प्रेरणास्रोत हैं। उनकी सफलता से अन्य दिव्यांगजन भी स्वरोजगार अपनाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित होंगे।
*तीन प्रेरणादायी कहानियां बनीं सफलता की मिसाल*
*ग्राम मोहरेंगा निवासी श्रीमती श्यामकुंवर साहू* ने ऋण सहायता से सिलाई मशीन एवं आवश्यक सामग्री खरीदकर अपना बुटीक कार्य प्रारंभ किया। आज वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ अन्य महिलाओं को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने निर्धारित समय में ऋण की संपूर्ण अदायगी कर अनुशासन और आत्मविश्वास का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
*नगर पंचायत नवागढ़ के वार्ड क्रमांक-2, सुकुलपारा निवासी श्री लीलाराम सोनकर* ने ऋण लेकर किराना एवं जनरल स्टोर की शुरुआत की। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपने व्यवसाय को सफल बनाया और समय पर पूरा ऋण जमा कर यह साबित किया कि अवसर मिलने पर कोई भी आत्मनिर्भर बन सकता है।
*ग्राम ढोलिया निवासी श्रीमती गोमती साहू* ने ऋण सहायता से पशुपालन का व्यवसाय प्रारंभ किया। वर्तमान में वे दूध उत्पादन एवं पशुपालन से नियमित आय अर्जित कर रही हैं। उन्होंने भी समय पर ऋण का पूर्ण भुगतान कर अन्य हितग्राहियों के लिए प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।
*आत्मनिर्भरता की सशक्त सीढ़ी बनी योजना*
समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह योजना दिव्यांगजनों को स्वरोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कम ब्याज पर उपलब्ध कराए जाने वाले ऋण के माध्यम से हितग्राही दुकान, लघु उद्योग, पशुपालन, कृषि एवं सेवा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न व्यवसाय प्रारंभ कर रहे हैं। समय पर ऋण अदायगी करने वाले हितग्राहियों के कारण विभाग को अधिक जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक भी योजना का लाभ पहुंचाने में सुविधा मिल रही है।कार्यक्रम में दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री पंकज वर्मा, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती प्रेमलता पदमाकर, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी एवं निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सम्मानित हितग्राहियों ने शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और समाज में नई पहचान भी प्रदान की है।
इन हितग्राहियों की सफलता यह संदेश देती है कि शारीरिक सीमाएं केवल शरीर तक होती हैं, हौसलों तक नहीं। सही अवसर, सहयोग और दृढ़ संकल्प के साथ दिव्यांगजन भी आत्मनिर्भर बनकर समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित दिव्यांगजनों को स्वरोजगार हेतु ऋण प्रदाय योजना के अंतर्गत पात्र दिव्यांगजनों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है, ताकि वे स्वयं का रोजगार स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। इस योजना के माध्यम से जिले के अनेक दिव्यांग हितग्राहियों ने सिलाई, किराना व्यवसाय, पशुपालन, लघु उद्योग एवं अन्य स्वरोजगार गतिविधियां प्रारंभ कर अपने जीवन को नई दिशा दी है। समय पर ऋण की पूर्ण अदायगी करने वाले हितग्राही न केवल अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बने हैं, बल्कि शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना की सफलता के भी सशक्त उदाहरण हैं।



