छत्तीसगढ़

एक थाना/एक सप्ताह : अब थाने से चलेगी पुलिस कप्तान की निगरानी, एसपी जितेन्द्र कुमार यादव की अभिनव पहल,थाने में बैठकर करेंगे जनसुनवाई और पुलिसिंग की समीक्षा,अगले सप्ताह कुंडा थाना बनेगा पुलिस कप्तान का कार्यालय।

कवर्धा/कबीरधाम पुलिसिंग को अधिक जनसुलभ,संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की दिशा में पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव (IPS) ने नई पहल..एक थाना–एक सप्ताह..की शुरुआत की है। 3 सितंबर को थाना सहसपुर लोहारा से शुरू हुई इस पहल के तहत प्रत्येक सप्ताह जिले का एक थाना एक दिन के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के रूप में संचालित होगा।

निर्धारित दिन एसपी स्वयं थाने में मौजूद रहेंगे और आम नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से सीधे मुलाकात कर जनसुनवाई करेंगे। इससे लोगों को छोटी-बड़ी शिकायतों के लिए जिला मुख्यालय पहुंचने की जरूरत कम होगी और थाना क्षेत्र में ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तक उनकी सीधी पहुंच बनेगी।

पुलिस अधीक्षक संबंधित थाना क्षेत्र में अपराध की स्थिति, लंबित प्रकरणों,वारंटियों की तामीली, प्रतिबंधात्मक कार्रवाई, संवेदनशील क्षेत्रों तथा कानून-व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। अपराध नियंत्रण,नशे और अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई,महिला एवं बाल सुरक्षा,साइबर अपराध तथा यातायात व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

सहसपुर लोहारा में पहल के शुभारंभ के दौरान एसपी ने जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और आम नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं एवं सुझाव सुने। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता और गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार त्वरित एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

एसपी ने कहा कि पुलिस का मूल उद्देश्य जनता की सुरक्षा,सम्मान और विश्वास बनाए रखना है। पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत होने से जमीनी स्तर पर बेहतर पुलिसिंग संभव होगी।

पहल के दौरान थाना में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों से भी व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याओं को लेकर संवाद किया गया। एसपी ने कहा कि पुलिसकर्मियों का मनोबल और बेहतर कार्य वातावरण प्रभावी पुलिसिंग की महत्वपूर्ण कड़ी है।उनकी समस्याओं का नियमानुसार और यथासंभव त्वरित समाधान किया जाएगा।

एक थाना–एक सप्ताह के अगले चरण में थाना कुंडा में पुलिस अधीक्षक स्वयं उपस्थित रहेंगे। इस दौरान जनसुनवाई के साथ स्थानीय कानून-व्यवस्था,अपराध नियंत्रण और थाना पुलिसिंग की समीक्षा की जाएगी।

कबीरधाम पुलिस की यह पहल वरिष्ठ अधिकारी को कार्यालय से सीधे जनता और थाना स्तर तक पहुंचाने का प्रयास है।इसका उद्देश्य स्पष्ट है,पुलिस जनता के बीच और जनता पुलिस के करीब।

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