छत्तीसगढ़

CG – सिस्टम की अनदेखी का शिकार हुआ बांधे परिवार 9 साल बाद भी नहीं मिला व्यवस्थापन प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर उठे सवाल पढ़े पूरी ख़बर

0 भखारा नगर में एक परिवार प्रशासनिक लापरवाही का दंश झेलने को मजबूर है। पिछले 9 साल से मंजु बांधे का परिवार खुले स्थान पर झोपड़ी बनाकर रहने को विवश है।

कुरुद//एक ओर प्रशासन भीषण गर्मी और हीट अलर्ट के बीच लोगों को सुरक्षित रहने की सलाह दे रहा है। वहीं दूसरी ओर भखारा नगर में एक परिवार प्रशासनिक लापरवाही का दंश झेलने को मजबूर है। 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच मंजु बांधे का परिवार खुले स्थान पर झोपड़ी बनाकर रहने को विवश है, जहां न बिजली की व्यवस्था है, न पानी और न ही छांव।

मंजु बांधे लगातार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मकान के बदले जमीन देकर व्यवस्थापन की मांग कर रही हैं, लेकिन 9 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिल सका है। भीषण गर्मी से परेशान होकर परिवार ने बच्चों को दूसरे स्थान पर भेज दिया है, जबकि मंजु बांधे अब भी प्रशासन से राहत की उम्मीद लगाए बैठी हैं। नगर पंचायत भखारा द्वारा उन्हें कब्जा छोड़ने का नोटिस दिया गया है। उनका कहना है कि स्कूल खुलने वाले हैं और ऐसे में बच्चों को लेकर वे कहां जाएं, यह सबसे बड़ा सवाल है। उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि जहां भी जमीन दी जाएगी, वे वहां रहने को तैयार हैं।

विस्थापन के बाद भी नहीं दी गई जमीन
मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2017 में वार्ड क्रमांक 14 से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान वहां निवासरत लोगों को दूसरे स्थान पर व्यवस्थापन दिया गया था। मंजु बांधे का भी मकान उसी क्षेत्र में था, लेकिन उन्हें आज तक जमीन आवंटित नहीं की गई। तब से लेकर अब तक बांधे परिवार न्याय की गुहार लगा रहा है।

सूची में 77 लोगों के नाम दर्ज
इधर मामले की पड़ताल करने पर वर्ष 2017 की एक सर्वे सूची मिली है, जिसे तत्कालीन पटवारी द्वारा तैयार किया गया था। सूची में 77 लोगों के नाम दर्ज हैं, लेकिन मंजु बांधे पति रामनारायण बांधे का नाम उसमें शामिल नहीं है। इससे पटवारी की कार्यप्रणाली और सर्वे प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मंजु बांधे का मकान वहां मौजूद था, तो उनका नाम सर्वे सूची से बाहर कैसे रह गया।

सवालों के घेरे में प्रशासन..

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर 9 वर्षों से खुले आसमान के नीचे जीवन गुजार रहे इस परिवार को न्याय कब मिलेगा, और प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाएगा।

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