छत्तीसगढ़

CG – कलेक्टर जनदर्शन में रिश्वतखोर पटवारी के विरुद्ध गरीब किसान की फरियाद एक सप्ताह बाद भी शिकायत पर कार्रवाई शून्य भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद पढ़े पूरी ख़बर

0 सरपंचों ने भी पटवारी की एसडीएम से की शिकायत.

पंचायत प्रतिनिधियों का कथन- पटवारी काम के एवज में बताता है अपना रिश्वत लिस्ट.

कोरबापाली//सरकार ने कलेक्टोरेट में बड़े अफसरों को जनता की सुनवाई के लिए एक दिन का वक्त देने के निर्देश दिए है। इसी को नाम रखा गया है जनदर्शन। गारंटी इस बात की दी गई कि यहां लगने वाले तकरीबन हर मामलों की सुनवाई होगी। विभाग चाहे जो भी हो, हर विभाग के अफसर मौजूद रहेंगे और मौके पर उन्हें जनता की अर्जियों को देखकर निराकरण करना अनिवार्य होगा। इसके उलट राजस्व विभाग के एक रिश्वतखोर पटवारी के कृत्य की ग्रामीण द्वारा जनदर्शन में की गई शिकायत मामले में कोई सुनवाई देखने- सुनने को नही मिली है। गरीब पीड़ित किसान के आवेदन, सरकारी भाषा मे कहें तो अर्जी को एक सप्ताह हो गया, पर इसका निराकरण क्यों नही हो पाया, जवाब किसी के पास नही है।

मामला पाली विकासखण्ड के ग्राम मांगामार का है, जहां गरीब किसान छन्दराम धनवार पिता धरम अपने परिवार के साथ निवासरत है। पीड़ित ने गत 23 मार्च 2026 को कलेक्टर जनदर्शन में दिए अपने आवेदन में बताया है कि उसके पास 0. 121 हेक्टेयर वन पट्टे की कृषि भूमि है, जिसका पर्ची बनाने एवं ऑनलाइन करने के एवज में हलका पटवारी राजेन्द्र साहू द्वारा 15 हजार का मांग किया जा रहा है। उसने पटवारी के मांगने पर पहले ही 15 सौ रुपए दे चुका है, इसके बाद भी 15 हजार का मांग और किया जा रहा है। छ्न्दराम ने अपने शिकायत में आगे बताया है कि उसके बड़े भाई मंगल से 1 हजार एवं छोटे भाई पहारू से 2 हजार पटवारी द्वारा जमीन संबंधी कार्य के एवज में लिया जा चुका है, इसके बावजूद 15- 15 हजार की अतिरिक्त मांग उनसे भी जा रही है। पीड़ित ने अपने आवेदन में उल्लेख किया है कि वह आर्थिक रूप से कमजोर है और मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन- पोषण करते आ रहा है। लेकिन पटवारी अपने रिश्वत के लिए उस पर बार- बार अनावश्यक दबाव बना रहा है। जब उसने इसका विरोध किया तो उसका काम जानबूझकर लटका दिया गया। जनदर्शन में दिए आवेदन में पीड़ित छ्न्दराम ने कलेक्टर से निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पटवारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसका लंबित कार्य जल्द पूरा कराने की फरियाद लगाई है। लेकिन मामले में एक सप्ताह बाद भी प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार के जांच अथवा कार्रवाई का पता नही है। ऐसे में न केवल गरीब किसान का शासन- प्रशासन पर से भरोसा उठता जा रहा है बल्कि रिश्वतखोर प्रवृत्ति वाले पटवारी के हौसलों को बढ़ावा मिल रहा है।

*सरपंचों ने भी एसडीएम से शिकायत कर पटवारी राजेन्द्र को हटाने मांग की : कहा- काम के एवज में तय रिश्वत*

दो ग्राम के सरपंचों ने भी एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर पटवारी राजेन्द्र साहू पर रिश्वतखोरी, अनुचित व्यवहार का आरोप लगाया है। मांगामार के सरपंच व सरपंच संघ के पाली ब्लाक अध्यक्ष छत्रपाल सिंह राज एवं केराकछार सरपंच श्रीमती जीवन बाई कंवर द्वारा पटवारी राजेन्द्र के भ्रष्ट्र कृत्य के खिलाफ दो अलग- अलग शिकायत पत्र एसडीएम को सौंपा है और गत 24 मार्च को दिए अपने शिकायत में दर्शाया है कि हल्का मांगामार के पटवारी राजेन्द्र साहू द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही एवं अनियमितताएं की जा रही है। पटवारी द्वारा ग्राम पंचायत के किसानों से नामांतरण, बटांकन, फौती नामांतरण, वन अधिकार पर्ची व ऑनलाइन कार्य के लिए 10 से 20 हजार तक मांगा जा रहा है, मुहमांगी राशि नही मिलने पर जमीन संबंधित किसानों के महत्त्वपूर्ण कार्य लटका दिया जाता है। वहीं मृत्यु पंचनामा, वंशवृक्ष में हस्ताक्षर करने के एवज में भी पैसे लिया जाता है, नही देने पर हस्ताक्षर करने में आनाकानी किया जाता है। पटवारी द्वारा काम के एवज में रिश्वत राशि तय किया गया है। क्षेत्र में कई ऐसे गरीब किसान है जो दो- तीन माह मजदूरी करके पैसा इकट्ठा कर पटवारी की मांग पूरी करने को मजबूर है। साथ ही पटवारी द्वारा ग्रामीणों के साथ असहयोगपूर्ण एवं अनुचित व्यवहार भी किया जाता है। समय पर किसी भी कार्य को नही किया जाता, उपरोक्त कृत्यों से शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे है तथा आम जनता को मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिससे पूरे हल्का क्षेत्र के किसान त्रस्त है। सरपंचों ने पटवारी राजेन्द्र साहू के विरुद्ध शिकायत की जांच कर उचित वैधानिक कार्यवाही करते हुए अन्यंत्र स्थानांतरण करने मांग की है।

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