छत्तीसगढ़

CG – भटचौरा में दबंगों का बोल बाला पानी की समस्या से जूझ रहा गाँव और तालाब में आसामजिक तत्वों का कब्ज़ा अधिकारी भी मौन कब मिलेगी मुक्ति पढ़े पूरी ख़बर

बिलासपुर//पानी की समस्या क्या होती हैँ यह बात भटचौरा वालों से पूछे और यहाँ के सरपंच पति शुरेश पटेल से जो कई वर्षो से इस समस्या का तोड़ निकालने में लगे हैँ इसके लिए वो दर्जनों लेटर और सरकारी कार्यालयों के चक्कर काट रहें हैँ इनका उदेश्य हैँ की गाँव के बीचो बीच बड़े तालाब कों गहरा कर बारिश की पानी कों संरक्षित करना चुकी तालाब बहुत बड़ा हैँ और यहाँ बारिश और नहर दोनों का पानी पहुंच सकता हैँ।

इसलिए इसकी गहरीकरण से समस्या दूर हो सकती हैँ पर इसमें ना अधिकारी साथ दे रहें ना विभाग ऊपर से कुछ गाँव वालों नें यहाँ कब्ज़ा जमाया हुआ हैँ। मस्तूरी विधानसभा के ग्राम पंचायत भटचौरा में निस्तारी के लिए एक भी तालाब में पानी नहीं जो हैँ वो गन्दा और थोड़ा,पूरा गांव वाले एक दों बोरवेल के सहारे ही जीवन यापन कर रहे हैं।

जहां लोग नहाने के लिए तालाब में बनाए गए पचरी पर लगाए गए नल से ही नहाना धोना और पीने का पानी ले जाने का काम करते हैं यहां जरूर कुछ तालाब ऐसे हैं जहां बारिश के दिनों में पानी भरी रहती है और तालाब भी काफी बड़े-बड़े हैं पर कुछ तालाबों में दबंगों ने कब्जा कर खेती शुरू कर दिया है तो कुछ तालाबों का पानी सूख जा रहा है वर्तमान सरपंच पति सुरेश कुमार पटेल लगातार इन तालाबों में गहरीकरण कार्य करने के लिए उच्च अधिकारियों से पिछले 5 वर्षों से लिखित आवेदन दे रहे हैं पर कोई भी संतोषजनक जवाब अभी तक उच्च अधिकारियों से नहीं मिली है।

और गांव की स्थिति दयनीय बनी हुई हैँ, सरपंच पति सुरेश पटेल नें बिलासपुर कलेक्टर कमिश्नर और पंचायत विभाग में उच्च अधिकारियों को भी कई बार इस विषय पर लिखित आवेदन जरूर दिया है जिसमें उन्होंने बताया है कि गांव की जनता गंदे व जीव जंतु गन्दा पानी में नहाने के लिए मजबूर है कुछ हिस्से में गांव के दबंगों ने कब्जा कर लिया है और गर्मी के दिनों में तालाब सूखने के बाद इसमें गहरीकरण की सख्त आवश्यकता है।

ताकि तालाब को गहरा कर अधिक से अधिक बारिश के पानी को संरक्षित किया जा सके ताकि गांव के लोगों को गर्मी के दिनों में परेशानियां न हो पर लगातार दौड़ भाग करने के बाद भी वर्तमान सरपंच पति सुरेश पटेल को कामयाबी नहीं मिल रही है ना ही कोई अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहा है।

जिसके वजह से ग्रामीणों की हताशा साफ नजर आ रही है अब तो हालात ऐसे हैं कि एक नल और सैकड़ो की संख्या में लोग नहाने कपड़ा धोने पहुंच जाते हैं जिससे स्थिति और दहनीय हो जाती है देखना होगा शासन प्रशासन भटचौरा के इन ग्रामीणों की समस्या को कब समझती है और कब संज्ञान में लेकर यहां उनकी समस्या दूर करने लायक कदम उठाती हैँ।

Related Articles

Back to top button