जिले के सोंढूर–मेचका साकरा समूह जल योजना से बदलेगी ग्रामीणों की तस्वीर… टंकी व प्लांट तैयार, 17 गांवों में पाइपलाइन कार्य वन अनुमति के अभाव में अटका…विभिन्न गांव के जनप्रतिनिधि जल्द वन विभाग एन ओ सी प्रदान करे कहां…

आखरी वन विभाग के द्वारा क्यों एनओसी प्रदान नहीं किया जा…ठेकेदार ने बताया कि बताया कि एनओसी प्रदान किया जाय तो जून माह में लोगों घर शुद्ध पेयजल पहुंच गई…विभिन्न गांव के जनप्रतिनिधि जल्द वन विभाग एन ओ सी प्रदान करे कहां
छत्तीसगढ़ धमतरी….नगरी केंद्र सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के तहत “हर घर जल–हर घर मुस्कान” के संकल्प को साकार करने की दिशा में धमतरी जिला लगातार अग्रणी भूमिका निभा रहा है। इसी कड़ी में नगरी विकासखंड के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने के लिए सोंढूर–मेचका साकरा समूह जल प्रदाय योजना पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
इस बहुप्रतीक्षित योजना के अंतर्गत कुल 42 गांवों को जोड़ा गया है, जिसके माध्यम से लगभग 35 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों तक शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। करोड़ों रुपये की लागत से संचालित इस योजना में जल शुद्धिकरण संयंत्र (फिल्टर प्लांट) एवं ऊँची पानी टंकियों का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है, जिससे क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है।
पूर्व कलेक्टर अविनाश मिश्रा के निर्देशन में इस योजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। निर्माण एजेंसी सूरज मल कंस्ट्रक्शन, बिलासपुर द्वारा भी कार्य को गति देते हुए अधिकांश हिस्सों में निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा कर लिया गया है।
ठेकेदार के अनुसार, लगभग 25 गांवों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष 17 गांवों में कार्य अभी लंबित है। लंबित कार्य का प्रमुख कारण वन क्षेत्र में आने वाले हिस्सों के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस का नहीं मिल पाना बताया गया है। संबंधित वन विभाग को कई बार सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत की जा चुकी है, किंतु अब तक अनुमति नहीं मिलने के कारण कार्य बाधित है।
इन 17 प्रभावित गांवों में बेलरबाहरा, कस्लोर, तुमरी बाहरा, ठेन्ही, दोड़पंडरीपानी, गाताबहरी, अर्जुनी, बसिन, खलगढ़, लीलाज, गहनासियार, भीरागांव, महुवाबाहरा, बहामबहरी, लखनपुरी, रतावा तथा बिरनासिल्ली शामिल हैं, जहां पाइपलाइन कार्य अभी शेष है।
विभागीय एसडीओ ठाकुर ने बताया कि निर्माण कार्य की प्रगति संतोषजनक है और ठेकेदार द्वारा गुणवत्ता के साथ कार्य किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही वन विभाग से अनुमति प्राप्त होगी, शेष कार्य को शीघ्र पूर्ण कर जून माह तक सभी गांवों में जल आपूर्ति प्रारंभ करने का लक्ष्य रखा गया है।
हालांकि, स्थानीय स्तर पर वन विभाग की अनुमति में देरी और पीएचई विभाग की उदासीनता को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी देखी जा रही है। कई स्थानों पर पाइपलाइन कार्य लंबे समय से रुका हुआ है, जिससे योजना के पूर्ण होने में विलंब हो रहा है।
ग्राम ठेन्ही सरपंच ज्योति सोम एवं उपसरपंच ने बताया कि गांव में बोरवेल सूख चुके हैं तालाब का जल स्तर भी गिर रहा है जिसमें और पानी की भारी समस्या बनी हुई है। उन्होंने वन विभाग से शीघ्र अनुमति देने की मांग करते हुए कहा कि पाइपलाइन कार्य पूर्ण होने से ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।
वहीं ग्राम पंचायत देवपुर के आत्माराम ने बताया कि बिरनपुर क्षेत्र में कई बार बोर खनन के बावजूद पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में इस योजना के शुरू होने से ही समस्या का स्थायी समाधान संभव है। अगर जल्दी पहुंचे ताकि पानी जल्दी मिले कहां
इसी तरह पोडागांव सरपंच सुषमा बाई ने बताया कि टंकी निर्माण पूर्ण हो चुका है, लेकिन पाइपलाइन की अनुमति नहीं मिलने के कारण जल आपूर्ति शुरू नहीं हो पा रही है। उन्होंने भी शीघ्र अनुमति देकर कार्य पूर्ण कराने की मांग की है।ग्रामीणों को अब इस योजना के शीघ्र पूर्ण होने का बेसब्री से इंतजार है। योजना के पूर्ण होते ही वर्षों पुरानी पेयजल समस्या से निजात मिलेगी और हजारों लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।