छत्तीसगढ़

CG – रेतघाट कुकुर्दीकला जनसुनवाई से शुरू हुआ विवाद थमने का नहीं ले रहा नाम अब गाँव की वृद्ध महिलाओं का वीडियो हो रहा वायरल पढ़े पूरी ख़बर

मस्तूरी//छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मस्तूरी विधानसभा के अंतिम छोर में बसे गाँव कुकुर्दीकला रेतघाट की पर्यावराणीय जनसुनवाई 29 अप्रैल दिन बुधवार को प्रस्तावित था रेतघाट की जनसुनवाई तो संपन्न हो गई विरोध में कुछ लोंग दिखे पर अधिकांश समर्थन में दिखे और रेतघाट के लिए पर्यावरणीय जनसुनवाई संपन्न हो गया पर इसके बाद जो विवाद शुरू हुआ वह अब थमने का नाम नहीं ले रहा है।

विवाद उसी रात तकरीबन 11:00 बजे के आसपास दो नेताओं के वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ जिसमे रुपयों की लेनदेन देखी जा सकती हैँ पूरे विवाद पर दोनों नेताओं ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए इसको आपसी लेनदेन भी बताया इसके बाद फिर कुछ वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होनें लगा जिसमे कुछ महिलाओं से एक ब्यक्ति हाथ में लिए सफ़ेद पेपर कों लेकर सवाल करता सुनाई दे रहा हैँ।

जिसमे वीडियो बनाने वाला ब्यक्ति वृद्ध महिला से पूछ रहा हैँ कि उन्होंने हाथ में क्या लिया हुआ है और किसने दिया है वीडियो बनाने वाला व्यक्ति पूछता है कि यह क्या है तब वृद्ध महिला कहती कि उसको नहीं पता इसमें क्या है बस उसको इसमें साइन करने के लिए कहा गया है जिस पर वीडियो बनाने वाला मजाकिया लहजे में पूछता है कि आपको कुछ नहीं पता फिर भी साइन कर दोगे तो आपका घर खेत किसी और के नाम में चढ़ जाएगा तो कैसे करोगे जिस पर वृद्ध महिला हंसते हुए नजर आती है और कहती है कि उनको पेपर दिया गया है और इसमें साइन करने के लिए कहा गया है।

बताया जाता हैँ कि यह वही पेपर हैँ जिसमे जनसुनवाई कों समर्थन करने कि बात लिखी हुई थी और गाँव की सीधी साधी महिलाओं कों बस दस्तखत कर जमा करने कहा गया था एक और वीडियो में कुछ महिलाएं हाथों में यही पेपर लिए महिलाओं के बीच घुमते नजर आ रहें हैँ और एक वीडियो में सिगनेचर करते दिख रहें हैँ।

अब पुरे मामले में जनसुनवाई में लगी सीसी टीवी की फुटेज की जाँच की मांग तेज हो गई हैँ लोंगो का कहना हैँ की इस विवाद कों खत्म करने का यही सहीं उपाय होगा ज़ब तक इसकी पूरी जाँच नहीं होगी तब तक यहाँ उपजा विवाद खत्म नहीं होगा।

जनसुनवाई पर प्रश्नचिन्ह..

आपको भी जानकर अजीब लगेगा ज़ब कोई महिला जो मूल रुप से लोहर्सी की रहने वाली हो और वही से किसी पद पर चयनित हो पर जनसुनवाई में ज़ब पत्रकार उनसे उनका नाम पूछे तो वो ना सिर्फ अपना नाम गलत बता रही हैँ बल्कि अपना सरनेम भी बदल दे रही हैँ इसके साथ गाँव का भी नाम गलत बता रहीं इसलिए जनसुनवाई सवालों के घेरे में हैँ आखिर इनकी क्या मज़बूरी रही होंगी जो इनकों अपना नाम सरनेम और गाँव सब छुपाना पड़ रहा था हालांकि जब तक जाँच नहीं होती इसका पूरा सच सामने नहीं आएगा देखना होगा प्रशासन कब हरकत में आती हैँ?

हालांकि सोशल मिडिया में जो वीडियो अब वायरल हो रही हैँ उसका जाँच ज़ब तक नहीं होगा तब तक सच क्या हैँ इसकी पुष्टि कोई नहीं कर सकता ना इसकी सच्चाई सामने आएगी विवाद ख़त्म करने के लिए इन वीडियो और वहां लगे सीसी टीवी की जाँच करानी चाहिए जिससे दूध का दूध और पानी का पानी हो सके?

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