जलमार्ग से स्वास्थ्य सेवा का नया भरोसा,32 गांवों के ग्रामीणों को मिलेगा लाभ, वॉटर एम्बुलेंस सेवा हुई और मजबूत…!

आईएमए सदस्य डॉ. विभोर नंदा ने रेडक्रॉस को सौंपा प्राथमिक उपचार बॉक्स…डुबान क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच होगी और सशक्त
धमतरी जिले के डुबान और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में जिला प्रशासन की अभिनव वॉटर एम्बुलेंस सेवा लगातार प्रभावी साबित हो रही है। इस सेवा को सोमवार को उस समय नई मजबूती मिली, जब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के सदस्य डॉ. विभोर नंदा ने वॉटर एम्बुलेंस के लिए प्राथमिक उपचार बॉक्स रेडक्रॉस सोसायटी को सौंपा। इस सहयोग से अब जलमार्ग के माध्यम से मरीजों तक पहुंचने वाली स्वास्थ्य सेवा और अधिक सक्षम हो सकेगी तथा आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासन, चिकित्सा समुदाय और सामाजिक संस्थाओं की साझेदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वॉटर एम्बुलेंस केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि डुबान क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए जीवनरक्षक व्यवस्था बनकर उभरी है। विशेष रूप से बरसात और जलभराव की स्थिति में जब कई गांवों का सड़क संपर्क टूट जाता है, तब यह सेवा गंभीर मरीजों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटना पीड़ितों के लिए त्वरित राहत पहुंचाने का कार्य करेगी।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने नगरी विकासखंड के मगर रोड तथा गंगरेल बांध से प्रभावित डुबान क्षेत्रों में विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए हैं। इन शिविरों में नेत्र रोग, दंत रोग, महिला रोग एवं अस्थि रोग विशेषज्ञ ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे और आवश्यक परामर्श देंगे। उनका कहना है कि नियमित स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
वॉटर एम्बुलेंस सेवा शुरू होने से अब डुबान क्षेत्र के ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। पहले जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए लगभग 50 किलोमीटर का सफर करना पड़ता था, जबकि अब जलमार्ग के जरिए यह दूरी घटकर लगभग 7 किलोमीटर रह गई है। इससे मरीजों को कम समय में बेहतर उपचार उपलब्ध हो सकेगा और आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन बचाने की संभावना भी बढ़ेगी।
जिला प्रशासन की इस अभिनव पहल से 7 पंचायतों के 32 गांवों के हजारों ग्रामीण सीधे लाभान्वित होंगे। जलमार्ग के माध्यम से मरीजों को लगभग 45 मिनट में धमतरी पहुंचाया जा सकेगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार आएगा। ग्रामीणों ने भी इस सेवा को राहत और भरोसे की नई उम्मीद बताया है।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री गजेंद्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा देवहारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।